
इस संसार में जो कुछ हो रहा है उस मालिक के हुक्म से हो रहा है यानी जो भी हमारे पास है उसी के हुक्म से है और जो भी जा रहा है उसी के हुक्म से जा रहा है।
पर जो अज्ञानी जीव ये समझ रहा है कि मैने किया है तो यह उसकी भूल है ।
गुरु साहेब कह रहे है कि कोई विरला गुरु का प्यारा ही इस पहेली को समझा है क्यो कि परमात्मा खुद ऐसा चाहता है। यानी उस जीव पर मालिक की अपार कृपा है ।