जीवन और आध्यात्म

गुरु नानक साहिब फरमाते है: जैसे जल मह कमल निरालम मुरगाई नै साने।। सुरत सबद भाव सागर तरिए नानक नाम वाखने।। जिस तरह मुरगाबी पानी में रहती है, जब चाहती है, सूखे परो से उड़ जाती है। कमल का फूल पानी से बाहर होता है, जड़े पानी में होती है। इसी तरह हमे भी अपनीContinue reading “जीवन और आध्यात्म”

दो हीरे

एक सौदागर को बाज़ार में घूमते हुए एक उम्दा नस्ल का ऊंट दिखाई पड़ा!.सौदागर और ऊंट बेचने वाले के बीच काफी लंबी सौदेबाजी हुई और आखिर में सौदागर ऊंट खरीद कर घर ले आया!_.घर पहुंचने पर सौदागर ने अपने नौकर को ऊंट का कजावा ( काठी) निकालने के लिए बुलाया..!.कजावे के नीचे नौकर को एकContinue reading “दो हीरे”

मैं ही कृष्ण मैं ही कंस हुँ।

मैं ही कृष्ण मैं ही कंस हुँ।(दिल को छूने वाली कहानी) एक चित्रकार था, जो अद्धभुत चित्र बनाता था।लोग उसकी चित्रकारी की तारीफ़ करते थे। एक दिन कृष्ण मंदिर के भक्तों ने उनसे कृष्ण और कंस का एक चित्र बनाने की इच्छा प्रगट की। चित्रकार तैयार हो गया आखिर भगवान् का काम था, पर उसनेContinue reading “मैं ही कृष्ण मैं ही कंस हुँ।”

दरद न जाने कोय

मीरा बाई का शब्द हेरी मै तो प्रेम दीवानी, मेरो दरद न जाने कोय। सूली ऊपर सेज हमारी, किस बिध सोना होय। गगन मंडल में सेज पिया की, किस विध मिलना होय। घायल की घायल जानें, की जिन लाई होय। जौहर की गति जौहर जाने, की जिन जौहर होय। दरद की मारी बन बन डोलूContinue reading “दरद न जाने कोय”

विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान )

इसे पढ़े और सेव कर सुरक्षित कर लेवे। वाट्सअप पर ऐसी पोस्ट बहोत कम ही आती है।👇विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान ) ■ क्रति = सैकन्ड का 34000 वाँ भाग■ 1 त्रुति = सैकन्ड का 300 वाँ भाग■ 2 त्रुति = 1 लव ,■ 1 लव =Continue reading “विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान )”

खूंटी का बंधन

A story to open eyes of many…खूंटी का बंधन *एक रात एक बड़ी घनी अंधेरी रात में एक काफिला एक रेगिस्तानी सराय में जाकर ठहरा। उस काफिले के पास सौ ऊंट थे। उन्होंने ऊंट बांधे, खूंटियां गड़ाईं, लेकिन आखिर में पाया कि एक ऊंट अनबंधा रह गया है। उनकी एक खूंटी और एक रस्सी कहींContinue reading “खूंटी का बंधन”

प्रेम और भक्ति का स्त्रोत

“यदि परमात्मा कि दया न हो तो हमे उससे बिछुड़ने का दुख महसूस ही नहीं होता और न ही वापस अपने असली घर जाने की इच्छा होती है। उस कुल मालिक की कृपा के बिना न तो हमारा सतगुरु से मिलाप हो सकता है और न ही हम उसके बताएं हुए मार्ग पर चल सकतेContinue reading “प्रेम और भक्ति का स्त्रोत”

मांगने योग्य दात

संतान, संपत्ति, शोभा, आदर आदि कई चीजों के लिए हमारे हाथ प्रार्थना में उठते रहते है, पर इस दिशा में प्राप्तियों का नतीजा अंत में दुखो, क्लेशों में निकलता है: “देदा दे लेदे थक पाहि” (आदि ग्रंथ पृष्ठ स २) अगर दातार प्रभु से कुछ मांगने की कामना हो तो और सब कुछ छोड़कर एकContinue reading “मांगने योग्य दात”

मांगने योग्य दात

संतान, संपत्ति, शोभा, आदर आदि कई चीजों के लिए हमारे हाथ प्रार्थना में उठते रहते है, पर इस दिशा में प्राप्तियों का नतीजा अंत में दुखो, क्लेशों में निकलता है: “देदा दे लेदे थक पाहि” (आदि ग्रंथ पृष्ठ स २) अगर दातार प्रभु से कुछ मांगने की कामना हो तो और सब कुछ छोड़कर एकContinue reading “मांगने योग्य दात”

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