कई जनम भए कीट पतंगा ॥ कई जनम गज मीन कुरंगा ॥ कई जनम पंखी सरप होइओ ॥ कई जनम हैवर ब्रिख जोइओ । मिल जगदीस मिलन की बरीआ ॥ चिरंकाल इह देह संजरीआ।। गुरु अर्जुन देव एक आदमी अंधा भी था और साथ ही गंजा भी था । थोड़ी सी ग़लती के कारण राजाContinue reading “अंधा और भूलभुलैयाँ”
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अटल क़ानून
जेहा बीजै सो लुणै करमा संदड़ा खेत ॥गुरु अर्जुन देव रामायण में आता है कि बाली ने तपस्या करके वर लिया था कि जो भी लड़ने के लिए उसके सामने आये , उसका आधा बल बाली में आ जाये । इसी कारण जब भी सुग्रीव उससे लड़ाई करने जाता , पराजित होकर लौटता । इसContinue reading “अटल क़ानून”
सच्चा परोपकारी
गुलाम सदा घर में नहीं रहता ; परंतु पुत्र सदा रहता है । यदि ‘ पुत्र ‘ तुम्हें स्वतंत्र करेगा तो सचमुच तुम स्वतंत्र हो जाओगे । सेंट जॉन जेलखाने में कैदियों की बुरी हालत देखकर एक परोपकारी आता है और यह सोचकर कि इनको ठंडा पानी नहीं मिलता , दस – बीस बोरियाँ चीनीContinue reading “सच्चा परोपकारी”
संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?
सतगुरु की क्या महिमा करें , वह नीच से नीच और पापी से पापी जीवों को भी गले से लगा लेते हैं ।। महाराज सावन सिंह एक बार बारिश के मौसम में कुछ साधु – महात्मा अचानक कबीर साहिब के घर आ गये । बारिश के कारण कबीर साहिब बाज़ार में कपड़ा नहीं बेच सकेContinue reading “संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?”
मेंढक और हंस
नानक से अखड़ीआ बिअंन जिनी डिसंदो मा पिरी ॥ गुरु अर्जुन देव एक बार एक हंस एक समुद्र से उड़कर दूसरे समुद्र को जा रहा था । रास्ते में थककर एक कुएँ के किनारे बैठ गया । उस कुएँ में एक मेंढक था । उस मेंढक ने पूछा , ‘ भाई ! तुम कौन होContinue reading “मेंढक और हंस”
शाहजहाँ की नम्रता
जब ख़ुदी मिट जायेगी तो तुम्हारा अपने प्रियतम से मिलाप हो जायेगा । इसलिए ऐ अक्लमंद इंसान ! ख़ुदी को मिटाने की कोशिश कर और आजिज़ बन ।मौलाना रूम दोपहर का वक़्त था । बादशाह शाहजहाँ को प्यास लगी । इधर – उधर देखा , कोई नौकर पास नहीं था । आम तौर पर पानीContinue reading “शाहजहाँ की नम्रता”
खजूरों की चाह
स्वयं को मालिक को सौंप दो और शैतान का सामना करो , तो वह तुम्हारे पास भाग निकलेगा । परमेश्वर के निकट आओ तो वह भी तुम्हारे निकट आयेगा । सेंट जेम्स एक महात्मा बाज़ार में से गुज़र रहा था । रास्ते में एक कुँजड़े ने खजूरें बेचने के लिए रखी हुई थीं । मनContinue reading “खजूरों की चाह”
संत वचन पलटे नहीं
उनको ( मुर्शिद को ) सही समझो क्योंकि वे सच्चे और भरोसे योग्य हैं । उनके उपचार में जादुई कमाल है , उनके वचनों में अल्लाह की ताक़त समायी हुई है ।मौलाना रूम जब गुरु गोबिन्द सिंह साहिब पहली बार मालवा गये , वह उजाड़ इलाक़ा था , बारिश की कमी के कारण वहाँ गेहूँContinue reading “संत वचन पलटे नहीं”
चेतना का स्तर
ऐ मानव ! तू कब तक घड़े के बाहरी साँचे – ढाँचे और सजावट से मोहित होकर भ्रम में पड़ा रहेगा ? इनसे हटकर , घड़े के अन्दर जो पानी है उसकी ओर दृष्टि डाल । तू कब तक बाहरी सूरतों पर मोहित होता रहेगा ? हक़ीक़त का खोजी बन और हक़ीक़त की तलाश करContinue reading “चेतना का स्तर”
अमृत वेला- Time of Nectar
ग्रंथो शास्त्रों में सुबह सवेरे यानी रात के पिछले पहर को अमृत वेला, ब्रह्म मुहूर्त, ब्रह्म घड़ी आदि कहा गया है। परमेश्वर के भक्तों ने अमृत वेला को भक्ति के लिए खास तौर से लाभदायक माना है। सुबह का वातावरण भक्ति के लिए बहुत उत्तम होता है। सबह के समय रात भर सोने के बादContinue reading “अमृत वेला- Time of Nectar”