जहाँ आसा तहाँ बासा

जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जायें , तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या एक बिंदु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा ।सेंट मैथ्यू कहा जाता है कि कबीर साहिब जब बाहर जाया करते थे तो एक आदमी उन्हें अकसर खेत में बैठा मिलता था । एक दिन कबीर साहिब ने उससे कहाContinue reading “जहाँ आसा तहाँ बासा”

भजन – सुमिरन का महत्त्व

जो गुरु का भक्त है वह चाहे कैसा भी है , लेकिन गुरु उसे नरकों में नहीं जाने देता । महाराज सावन सिंह जब राजा जनक स्थूल शरीर को त्यागकर अपने धाम की ओर जा रहे थे , रास्ते में क्या देखते हैं कि नरकों में जीव जल रहे हैं और चीख – पुकार करContinue reading “भजन – सुमिरन का महत्त्व”

पपीहे का प्रण

मी जिउ चात्रिक जल प्रेम पिआसा ॥ जिउ मीना जल माहे उलासा ॥ नानक हर रस पी त्रिपतासा।। गुरु नानक एक दिन कबीर साहिब गंगा के किनारे घूम रहे थे । उन्होंने देखा कि एक पपीहा प्यास से निढाल होकर नदी में गिर गया है । पपीहा स्वाति बूंद के अलावा दूसरा पानी नहीं पीताContinue reading “पपीहे का प्रण”

बेदाग दाढ़ी

मन हमारा दुश्मन है और इसे दुश्मन समझते हुए इसकी हरकतों पर चौकीदारी करनी चाहिए । महाराज सावन सिंह एक स्त्री थी । उसके रिश्तेदारों में एक अच्छा कमाई वाला महात्मा था । कुछ तो कमाई और कुछ बेफ़िक्री और बेपरवाही के फलस्वरूप उसके चेहरे पर हमेशा रौनक़ और ख़ुशी रहती थी । उसकी शोभायमानContinue reading “बेदाग दाढ़ी”

भूत

एक आदमी ने एक भूत पकड़ लिया औरउसे बेचने शहर गया।संयोगवश उसकी मुलाकात एक सेठ से हुई।सेठ ने उससे पूछा – भाई ! यह क्या है ?उसने जवाब दिया कि यह एक भूत है।इसमें अपार बल है।कितना भी कठिन कार्य क्यों न हो,यह एक पल में निपटा देता है।यह कई वर्षों का काम मिनटों मेंContinue reading “भूत”

रूस का बादशाह पीटर

गुरु स्थूल शरीर में ही सीमित नहीं होता । लोगों की रहनुमाई करने , उन्हें समझाने , उनसे हमदर्दी दिखाने , उनसे प्रेम करने , उनमें विश्वास और भरोसा पैदा करने , उनमें अपने अंदर शांति और आनंद की तलाश का शौक़ पैदा करने , उन्हें रास्ता दिखाने , उन्हें एक मिसाल बनकर समझाने ,Continue reading “रूस का बादशाह पीटर”

सिकंदर महान की अंतिम इच्छा

मेरे आगे मैं खड़ा , ता भै रह्या लुकाइ । दादू परगट पीव है , जे यहु आपा जाइ ॥ संत दादू दयाल सिकंदरे – आज़म , जिसको विश्व विजयी कहते हैं , जब सारी दुनिया को जीतता हुआ भारत के उत्तर – पश्चिम में ब्यास नदी के पास आया , तो फ़ौज ने आगेContinue reading “सिकंदर महान की अंतिम इच्छा”

आग का मोल

अखी काढ धरी चरणा तल सभ धरती फिर मत पाई ॥ गुरु रामदास कहा जाता है कि शेख़ फ़रीद का एक शिष्य बहुत नेक – पाक था । जब वह बाज़ार जाता तो एक वेश्या उसका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए उससे मज़ाक किया करती । वह बेचारा दूसरी ओर ध्यान कर लेता ।Continue reading “आग का मोल”

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