बहरे आदमी के लिए सत्संग

एक संत के पास बहरा आदमी सत्संग सुनने आता था।उसके कान तो थे पर वे नाड़ियों से जुड़े नहीं थे।एकदम बहरा, एक शब्द भी सुन नहीं सकता था।किसी ने संत श्री से कहाः”बाबा जी ! वे जो वृद्ध बैठे हैं, वे कथा सुनते सुनते हँसते तो हैं पर वे बहरे हैं।”बहरे मुख्यतः दो बार हँसतेContinue reading “बहरे आदमी के लिए सत्संग”

ज्ञान

ज्ञान ‘ ज्ञा ‘ धातु से निकला है जिसका अर्थ है जानना । अंग्रेज़ी में ‘ know ‘ भी ‘ज्ञा ‘ का ही एक रूप है । आम लोगों ने केवल वाचक ज्ञान को ही काफ़ी समझ लिया है और इसी पर ज़ोर देते नज़र आते हैं । वास्तव में ज्ञान – ध्यान केवल बुद्धिContinue reading “ज्ञान”

Q & A

A questioner asked Maharaj Charan Singh Ji : When we have a choice of two ways to go in our life – let’s say we have to live in one place and all of a sudden there’s a chance we can live somewhere else – we sometimes experience a turmoil. You’re not sure which wayContinue reading “Q & A”

Saint’s Advise for us

HUZUR MAHARAJ JI ADVISED US: “We have to go along with the waves of destiny. You can never change the events of life, no matter how much you plan, no matter how much you pray. But you can always adjust to the events of life. Adjusting to the events of life will give you happiness;Continue reading “Saint’s Advise for us”

ऊंची उड़ान

बहुत समय पहले की बात है,एक राजा को उपहार में किसी ने बाज के दो बच्चे भेंट किये, वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे और राजा ने कभी इससे पहले इतने शानदार बाज नहीं देखे थे,राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक अनुभवी आदमी को नियुक्त कर दिया। कुछ समय पश्चात राजा ने देखाContinue reading “ऊंची उड़ान”

ध्यान में मौत का उत्सव

एक साधु जीवनभर इतना प्रसन्न था कि लोग हैरान थे। लोगों ने कभी उसे उदास नहीं देखा, कभी पीड़ित नहीं देखा।उसके शरीर छोड़ने का वक्त आया और उसने कहा कि अब मैं तीन दिन बाद मर जाऊंगा। यह मैं इसलिए बता रहा हूं कि जो आदमी जीवन भर हंसता था, उसकी मौत पर कोई रोएContinue reading “ध्यान में मौत का उत्सव”

Meaning and Value of Satsang

At the Dera in March 1983, Daryai Lal Kapur, asked Maharaj Charan Singh ji to talk about the Meaning and Value of Satsang. Q. Maharaj ji, my understanding of the term ‘Satsang’ is where there are Two Satsangis or more gathered together at a proper place, reading some text bearing Santmat and trying to understandContinue reading “Meaning and Value of Satsang”

ब्रह्मचर्य के लाभ

डॉक्टर निकलसन कहते हैं कि स्त्रियों और पुरुषों में शरीर का सबसे अच्छा रक्त संतानोत्पत्ति के तत्त्वों को बनाने में खर्च होता है । एक पवित्र जीवन जीनेवाले मनुष्य में वीर्य का तत्त्व शरीर में दुबारा जज़्ब होता है और रक्त के प्रवाह में मिलकर उत्तम शारीरिक , दिली और दिमागी ताक़त को बनाता हैContinue reading “ब्रह्मचर्य के लाभ”

सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें

एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः “ये मूँग हमारी अमानत हैं। ये सड़े गले नहीं बल्कि बढ़े-चढ़े यह ध्यान रखना। दो वर्ष बाद जब हम वापस आयेंगे तो इन्हें ले लेंगे संत तो तीर्थयात्रा के लिए चले गये इधर एक शिष्य ने मूँग के डिब्बेContinue reading “सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें”

मन का शिकार – उसे वश में करना

एक ग्रामीण शिकारी के जीवन पर आधारित यह पद मन को वश में करने का सुझाव देता है । शिकार पर जाते हुए पति से शिकारी की पत्नी कहती है कि हे पतिदेव , किसी जीवित प्राणी की हत्या न करना , परन्तु मरा हुआ , रक्त तथा मांस से हीन शिकार लेकर भी घरContinue reading “मन का शिकार – उसे वश में करना”

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