जो गुरु का भक्त है वह चाहे कैसा भी है , लेकिन गुरु उसे नरकों में नहीं जाने देता । महाराज सावन सिंह जब राजा जनक स्थूल शरीर को त्यागकर अपने धाम की ओर जा रहे थे , रास्ते में क्या देखते हैं कि नरकों में जीव जल रहे हैं और चीख – पुकार करContinue reading “भजन – सुमिरन का महत्त्व”
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इंद्र का तीर – कमान
जेती लहरि समंद की , तेते मनहिं मनोरथ मारि । बैसै सब संतोष करि , गहि आतम एक बिचारि।।56 संत दादू दयाल एक ऋषि ने इतनी तपस्या की कि स्वर्ग के राजा इंद्र को डर लगने लगा कि कहीं ऋषि उसका सिंहासन न छीन ले । वह हाथ में तीर – कमान लेकर शिकारी काContinue reading “इंद्र का तीर – कमान”