ईद का दिन था , लोग ईद की नमाज अदा करके वापस आ रहे थे । राह में एक पूर्ण मुर्शीद का मुरीद खड़ा था , हर राहगीर से पूछ रहा था , सांई ईद कद है ? लोग हंसते और कहते ओ सांई तेरे को नहीं पता ईद तां अज है । उसी राहContinue reading “सांई ईद कद है ?”
आध्यात्म की अनमोल बाते (Precious things about spirituality)
आध्यात्म
ईद का दिन था , लोग ईद की नमाज अदा करके वापस आ रहे थे । राह में एक पूर्ण मुर्शीद का मुरीद खड़ा था , हर राहगीर से पूछ रहा था , सांई ईद कद है ? लोग हंसते और कहते ओ सांई तेरे को नहीं पता ईद तां अज है । उसी राहContinue reading “सांई ईद कद है ?”