कबीर कहते हैं कि मनुष्य – शरीर एक घर के समान है जिसमें घर का मालिक सुख और चैन नहीं पाता क्योंकि घरवाले आपस में झगड़ते रहते हैं । घरवालों में हैं पाँच लड़के ( पाँच इन्द्रियाँ ) और पत्नी दुर्मति ( मन की दूषित प्रवृत्तियाँ ) । प्रत्येक इन्द्रिय अपनी इच्छा की पूर्ति केContinue reading “घर में झगड़ा- कबीर साहिब”
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जहाँ आसा तहाँ बासा
जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जायें , तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या एक बिंदु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा ।सेंट मैथ्यू कहा जाता है कि कबीर साहिब जब बाहर जाया करते थे तो एक आदमी उन्हें अकसर खेत में बैठा मिलता था । एक दिन कबीर साहिब ने उससे कहाContinue reading “जहाँ आसा तहाँ बासा”
कबीर साहिब द्वारा राजा की परीक्षा
जब आप नौ दरवाज़ों को छोड़कर ब्रह्म , पारब्रह्म में जायेंगे तो आपको पता लग जायेगा कि गुरु क्या है और क्या देता है ।अगर अंदर जाकर देख लो तो यक़ीन पुख़्ता हो जायेगा ।महाराज सावन सिंह कबीर साहिब जुलाहा थे । राजा बीर सिंह राजपूत उनका सेवक था । उसका उनके साथ बहुत प्यारContinue reading “कबीर साहिब द्वारा राजा की परीक्षा”