कई जनम भए कीट पतंगा ॥ कई जनम गज मीन कुरंगा ॥ कई जनम पंखी सरप होइओ ॥ कई जनम हैवर ब्रिख जोइओ । मिल जगदीस मिलन की बरीआ ॥ चिरंकाल इह देह संजरीआ ॥ गुरु अर्जुन देव एक आदमी अंधा भी था और साथ ही गंजा भी था । थोड़ी सी ग़लती के कारणContinue reading “अंधा और भूलभुलैयाँ”
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अंधा और भूलभुलैयाँ
कई जनम भए कीट पतंगा ॥ कई जनम गज मीन कुरंगा ॥ कई जनम पंखी सरप होइओ ॥ कई जनम हैवर ब्रिख जोइओ । मिल जगदीस मिलन की बरीआ ॥ चिरंकाल इह देह संजरीआ।। गुरु अर्जुन देव एक आदमी अंधा भी था और साथ ही गंजा भी था । थोड़ी सी ग़लती के कारण राजाContinue reading “अंधा और भूलभुलैयाँ”
अटल क़ानून
जेहा बीजै सो लुणै करमा संदड़ा खेत ॥गुरु अर्जुन देव रामायण में आता है कि बाली ने तपस्या करके वर लिया था कि जो भी लड़ने के लिए उसके सामने आये , उसका आधा बल बाली में आ जाये । इसी कारण जब भी सुग्रीव उससे लड़ाई करने जाता , पराजित होकर लौटता । इसContinue reading “अटल क़ानून”