संस्कृत के 52 अक्षर हैं जो हमारे शरीर के छः चक्रों के कमलों से निकले हैं , इसलिए इनको देववाणी कहा गया है । इनका विवरण चक्रों के नाम, कमल दल की संख्या और उनके स्वामी धनी इस प्रकार है:- ( 1 ) मूलाधार में 4 दल कमल, उसका स्वामी गणेश है। ( 2 ) स्वाधिष्ठानContinue reading “संस्कृत के 52 अक्षर कहां से आए?”
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आत्माएँ तीन प्रकार की हैं
आत्माएँ तीन प्रकार की हैं , ( 1 ) नित्यमुक्त आत्माएँ – जो कभी बंधन में नहीं रही तथा सदैव परमात्मा के साथ रहती हैं । ( 2 ) मुक्त आत्माएँ – जो कभी संसार – चक्र का हिस्सा थीं , परंतु अब मुक्त होकर परमात्मा के साथ बहती हैं । ( 3 ) बद्धContinue reading “आत्माएँ तीन प्रकार की हैं”