नाम या शब्द भाग 3 (divine power) धुनात्मक नाम अंतर में ध्वनि के रूप में आंतरिक कानों द्वारा सुने जाने वाले को धुनात्मक नाम कहते है। इसके अंदर एक और विशेषता होती है कि यह प्रकाश के रूप में अंतर की आंखो द्वारा दिखाई भी देता है। जिसे सुरत और नीरत का खुलना भी कहतेContinue reading “नाम या शब्द भाग 3 (divine power)”
Tag Archives: मनुष्य जन्म
नाम या शब्द (divine power)
नाम- भाग 1 अगर कोई नदी पार करनी हो तो यात्री मल्लाह की शरण लेता है और मल्लाह उसे अपनी नाव में बिठा लेता है। जीवात्मा के खेवट – सतगुरू के बारे में विचार किया जा चुका है। अब एक दृष्टि उसकी नाव – “नाम “- पर भी डाल ली जाए।संत्मत या गुरूमत को नाम मार्गContinue reading “नाम या शब्द (divine power)”
परमात्मा किस रूप में मौजूद है: नाम या शब्द
नाम का सौदा धन कमाने के लिए व्यापारी व्यापार करता है और व्यापार करने के लिए उसे पूंजी की आवश्यकता होती है।वह पूंजी किसी सगे संबधियों से मिलती है, इससे वह माल खरीदकर बेचता है, लाभ कमात है और धनवान होता चला जाता है। परमार्थ की पूंजी नाम है और उसे देने वाले स्नेही संबधीContinue reading “परमात्मा किस रूप में मौजूद है: नाम या शब्द”
पूर्ण सतगुरु की पहचान
पूर्ण संतो ने सावधान किया है कि गुरु होना ही काफी नहीं, गुरु पूर्ण होना चाहिए। पूरा गुरु वह है जो अपनी आत्मा परमात्मा में अभेद करके उसका रूप हो चुका हो । आदि ग्रंथ पृष्ठ स 286 में गुरु अर्जुन देव जी कहते है:सत पुरख जिन जानिया, सतिगुर तिस का नाउ।।तिस कै संग सिखContinue reading “पूर्ण सतगुरु की पहचान”
परमात्मा तक पहुंचने की कुंजी या सीढ़ी-1
परमेश्वर तक पहुंचना कोई हंसी मजाक की बात नहीं।वह तो मानो किसी मजबूत किले में बैठा हुआ है और वह क़िला है मोटी पथरीली दीवारों और वज्र के मजबूत कपाटोवला। न दीवारे ढह सकती है, न कपाट ही टूटते है।इसलिए उसके अंदर जाने के लिए कोई उपाय नहीं बनता। हां, अगर एक सीढ़ी मिल जाए,Continue reading “परमात्मा तक पहुंचने की कुंजी या सीढ़ी-1”
मनुष्य जन्म- एक अवसर part 3
कबीर साहिब हमारी पूरी अवस्था अपनी बानी के जरिए बयान कर रहे है जब लग तेल दीवे मुख बाती तब सुझे सभ कोई।। तेल जले बाती ठहरानी सुन्ना मंदर होई।। रे बावरे तुह घरी न राखै कोई।। तू राम नाम जप सोई।। का की मात पिता कहूं का को कवन पुरख की जोई।। घट फूटेContinue reading “मनुष्य जन्म- एक अवसर part 3”
मनुष्य जन्म: एक अवसर part-2
आगरा के महान संत स्वामी जी महाराज अपनी बानी में फरमाते है: “नर देही तुम दुर्लभ पाई। अस औसर फिर मिले न आय।। “आप मनुष्य जन्म की महत्ता के बार में बता रहे है कि ऐसा दुर्लभ मौका हमें मिला है, फिर ऐसा मौका मिले या ना मिले , इसीलिए इसका हम फायदा उठाना है।Continue reading “मनुष्य जन्म: एक अवसर part-2”
मनुष्य जन्म- एक अवसर part 1
मनुष्य जन्म- एक अवसर part 1 आदि ग्रंथ मे पृष्ठ सं 1075 गुरु अर्जुन देव जी फरमाते है: “लाख चौरासी जोन सबाई।। मानस को प्रभ दी वड आई।।इस पौड़ी ते जो नर चुंके, सो आई जाइ दुख पाईदा।।” इन्सान को दूसरे जीवों के मुकाबले श्रेष्ठ बुद्धि इसीलिए मिली है कि वह इस चरण में अपनीContinue reading “मनुष्य जन्म- एक अवसर part 1”