” परमार्थ के मार्ग में साधक की चार अवस्थाएँ 1. कर्मकाण्ड या शरीयत : अच्छे कार्य करना जैसा कि संसार के सब धार्मिक ग्रन्थों में बताया गया है । 2. उपासना या तरीक़त : किसी कामिल गुरु के आदेश और मार्ग – दर्शन के अनुसार परमार्थ के कार्य करना । मन और इन्द्रियों को वशContinue reading “परमार्थ के मार्ग में साधक की चार अवस्थाएँ”