तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ हम उस भव्य ज्योतिर्मय स्वरूप का ध्यान करें , जिसने सकल सृष्टि की उत्पत्ति की है । वह हमारी बुद्धि को अंधकार से प्रकाश की ओर प्रेरित करे । ऋग्वेद 3.62.10
आध्यात्म की अनमोल बाते (Precious things about spirituality)
आध्यात्म
तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ हम उस भव्य ज्योतिर्मय स्वरूप का ध्यान करें , जिसने सकल सृष्टि की उत्पत्ति की है । वह हमारी बुद्धि को अंधकार से प्रकाश की ओर प्रेरित करे । ऋग्वेद 3.62.10