असली विद्वान कौन ?

मैं अपनी मूर्खता भरी बातें करनेवाली ज़बान से परमात्मा की भेद भरी बातों को बयान करने की हिम्मत नहीं कर सकता । अगर मैं हिम्मत करूँ तो भी बयान नहीं कर सकता । क्लाउड ऑफ़ अननोइंग एक बार एक विद्यार्थी अपनी बी . ए . की पढ़ाई पूरी करके अपने घर जा रहा था ।Continue reading “असली विद्वान कौन ?”

दुनिया के राज्य का मोल

गुरु से गुरु की ही माँग कीजिये , क्योंकि जब वह आपको यह बख्रिशश कर देते हैं तो फिर उनके साथ ही सारी चीजें मिल जाती हैं । महाराज सावन सिंह इब्राहीम अधम ने वर्ष अपने सतगुरु कबीर साहिब के चरणों में रहकर सेवा की और फिर उनका आशीर्वाद प्राप्त करके उनकी आज्ञा लेकर आपContinue reading “दुनिया के राज्य का मोल”

बरतन को टकोरना

सील गहनि सब की सहनि , कहनि हीय मुख राम । तुलसी रहिए एहि रहनि , संत जनन को काम ॥ गोस्वामी तुलसीदास दादू जी एक कामिल फ़क़ीर हुए हैं । उनका जन्म मुसलमान परिवार में हुआ था । एक बार दो पंडित आपके पास इस ग़रज़ से आये कि चलकर सत्संग सुनें और गुरुContinue reading “बरतन को टकोरना”

भेड़ों में शेर का बच्चा

रूहानी विज्ञान का उद्देश्य यही है कि मनुष्य माया के परदों से मुक्त होकर स्वयं को पहचान ले कि वह आत्मा है जो स्वयं चेतन है और महाचेतन के समुद्र का अंश है , ताकि वह उस महाचेतन सागर में मिल जाये …। महाराज सावन सिंह एक बार एक शेरनी बच्चे को जन्म देकर शिकारContinue reading “भेड़ों में शेर का बच्चा”

फ़क़ीर और चींटियाँ

जिस दिल में सब जीवों के लिए प्रेम और दया होती है , उसमें विषय – विकारों के लिए कोई स्थान नहीं होता । ऐ दोस्त ! कभी किसी दिल को ठेस न पहुँचाना । किसी का दिल दुखाना प्रभु को भूल जाना है ।अन्सारी ऑफ़ हैरात ‘ तज़करात – उल – औलिया ‘ मुसलमानोंContinue reading “फ़क़ीर और चींटियाँ”

अज्ञानी सूअर

उन्होंने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला और सृष्टि की उपासना और सेवा की , न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है । रोमन्ज एक बार उद्धव ने भगवान कृष्ण से कहा कि इन जीवों को आप अपने देश क्यों नहीं ले चलते ? आप सर्वसमर्थ हैं और जो चाहें करContinue reading “अज्ञानी सूअर”

स्वयंवर और नारद मुनि

जिउ जननी सुत जण पालती राखै नदर मझार ॥ अंतर बाहर मुख दे गिरास खिन खिन पोचार ॥ तिउ सतगुर गुरसिख राखता हर प्रीत पिआर ॥ गुरु रामदास भारत में पहले यह रिवाज था कि जब किसी राजकुमारी की उम्र शादी लायक़ होती तो एक स्वयंवर रचा जाता जिसमें राजकुमारी ख़ुद अपने पति को चुनतीContinue reading “स्वयंवर और नारद मुनि”

अंधा और भूलभुलैयाँ

कई जनम भए कीट पतंगा ॥ कई जनम गज मीन कुरंगा ॥ कई जनम पंखी सरप होइओ ॥ कई जनम हैवर ब्रिख जोइओ । मिल जगदीस मिलन की बरीआ ॥ चिरंकाल इह देह संजरीआ।। गुरु अर्जुन देव एक आदमी अंधा भी था और साथ ही गंजा भी था । थोड़ी सी ग़लती के कारण राजाContinue reading “अंधा और भूलभुलैयाँ”

संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?

सतगुरु की क्या महिमा करें , वह नीच से नीच और पापी से पापी जीवों को भी गले से लगा लेते हैं ।। महाराज सावन सिंह एक बार बारिश के मौसम में कुछ साधु – महात्मा अचानक कबीर साहिब के घर आ गये । बारिश के कारण कबीर साहिब बाज़ार में कपड़ा नहीं बेच सकेContinue reading “संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?”

शाहजहाँ की नम्रता

जब ख़ुदी मिट जायेगी तो तुम्हारा अपने प्रियतम से मिलाप हो जायेगा । इसलिए ऐ अक्लमंद इंसान ! ख़ुदी को मिटाने की कोशिश कर और आजिज़ बन ।मौलाना रूम दोपहर का वक़्त था । बादशाह शाहजहाँ को प्यास लगी । इधर – उधर देखा , कोई नौकर पास नहीं था । आम तौर पर पानीContinue reading “शाहजहाँ की नम्रता”

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