जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जायें , तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या एक बिंदु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा ।सेंट मैथ्यू कहा जाता है कि कबीर साहिब जब बाहर जाया करते थे तो एक आदमी उन्हें अकसर खेत में बैठा मिलता था । एक दिन कबीर साहिब ने उससे कहाContinue reading “जहाँ आसा तहाँ बासा”
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विरह – वेदना
प्रभात – वेला की इबादत और रात भर मालिक के वियोग में विलाप मालिक की प्राप्ति के ख़ज़ाने की कुंजी हैं । ख्वाजा हाफ़िज़ शेख शिबली एक दिन अपने शिष्यों के साथ बैठे थे । सर्दी का मौसम था , आग जल रही थी । अचानक उनका ध्यान चूल्हे में जलती हुई लकड़ी के एकContinue reading “विरह – वेदना”
असली विद्वान कौन ?
मैं अपनी मूर्खता भरी बातें करनेवाली ज़बान से परमात्मा की भेद भरी बातों को बयान करने की हिम्मत नहीं कर सकता । अगर मैं हिम्मत करूँ तो भी बयान नहीं कर सकता । क्लाउड ऑफ़ अननोइंग एक बार एक विद्यार्थी अपनी बी . ए . की पढ़ाई पूरी करके अपने घर जा रहा था ।Continue reading “असली विद्वान कौन ?”
दुनिया के राज्य का मोल
गुरु से गुरु की ही माँग कीजिये , क्योंकि जब वह आपको यह बख्रिशश कर देते हैं तो फिर उनके साथ ही सारी चीजें मिल जाती हैं । महाराज सावन सिंह इब्राहीम अधम ने वर्ष अपने सतगुरु कबीर साहिब के चरणों में रहकर सेवा की और फिर उनका आशीर्वाद प्राप्त करके उनकी आज्ञा लेकर आपContinue reading “दुनिया के राज्य का मोल”
खजूरों की चाह
स्वयं को मालिक को सौंप दो और शैतान का सामना करो , तो वह तुम्हारे पास भाग निकलेगा । परमेश्वर के निकट आओ तो वह भी तुम्हारे निकट आयेगा । सेंट जेम्स एक महात्मा बाज़ार में से गुज़र रहा था । रास्ते में एक कुँजड़े ने खजूरें बेचने के लिए रखी हुई थीं । मनContinue reading “खजूरों की चाह”
चेतना का स्तर
ऐ मानव ! तू कब तक घड़े के बाहरी साँचे – ढाँचे और सजावट से मोहित होकर भ्रम में पड़ा रहेगा ? इनसे हटकर , घड़े के अन्दर जो पानी है उसकी ओर दृष्टि डाल । तू कब तक बाहरी सूरतों पर मोहित होता रहेगा ? हक़ीक़त का खोजी बन और हक़ीक़त की तलाश करContinue reading “चेतना का स्तर”
अमृत वेला- Time of Nectar
ग्रंथो शास्त्रों में सुबह सवेरे यानी रात के पिछले पहर को अमृत वेला, ब्रह्म मुहूर्त, ब्रह्म घड़ी आदि कहा गया है। परमेश्वर के भक्तों ने अमृत वेला को भक्ति के लिए खास तौर से लाभदायक माना है। सुबह का वातावरण भक्ति के लिए बहुत उत्तम होता है। सबह के समय रात भर सोने के बादContinue reading “अमृत वेला- Time of Nectar”
पीर की जूती का मोल
जब हमारा प्रेम सबकी ओर से हटकर केवल गुरु के साथ – लग जाता है , तो हम दुनिया के सब बंधनों और मलिनताओं से मुक्त हो जाते हैं और परमात्मा से जुड़ जाते हैं। महाराज सावन सिंह अमीर खुसरो , निज़ामुद्दीन औलिया का शागिर्द और काबुल के हाकिम का मुलाज़िम था । बड़ा कमाईContinue reading “पीर की जूती का मोल”
प्रभु की इच्छा या इंसान की मरज़ी
मनुष्य अपनी विपत्तियों को निमंत्रण देता है और फिर इन दुःखदायी अतिथियों के प्रति विरोध प्रकट करता है , क्योंकि वह भूल जाता है कि उसने कैसे , कब और कहाँ उन्हें निमंत्रण पत्र लिखे तथा भेजे थे । परंतु समय नहीं भूलता ; समय उचित अवसर पर हर निमंत्रण – पत्र ठीक पते परContinue reading “प्रभु की इच्छा या इंसान की मरज़ी”
चौरासी लाख योनियों से मुक्ति
गुरू अर्जुन देव जी कहते है: लख चौरासी जोन सबाईं।। मानस कऊ प्रभ दी वडयाई।। इस पउड़ी ते जो नर चुके, सो आइ जाइ दुख पाईदा।। (आदि ग्रंथ पृष्ठ स १०७५) गुरू साहिब चेतावनी दे रहे है कि जो लोग प्रभु की अपार दया से मिले मनुष्य जन्म के अमूल्य अवसर को इन्द्रियों के भोगों,Continue reading “चौरासी लाख योनियों से मुक्ति”