सच्चा नाम क्या है ?

नाम नाम सब कहत है नाम न पाया कोय ||1|| परमात्मा का नाम तो सब जपते है पर किसी को भी नाम (परमात्नमा) हीं मिला है ?   अब हमें यह इस बात पर विचार करना है कि कोनसा नाम हम जपते है ? और उसको जपने से हमें कोनसा नाम नही मिला ?  हम सबContinue reading “सच्चा नाम क्या है ?”

आत्माएँ तीन प्रकार की हैं

आत्माएँ तीन प्रकार की हैं , ( 1 ) नित्यमुक्त आत्माएँ – जो कभी बंधन में नहीं रही तथा सदैव परमात्मा के साथ रहती हैं । ( 2 ) मुक्त आत्माएँ – जो कभी संसार – चक्र का हिस्सा थीं , परंतु अब मुक्त होकर परमात्मा के साथ बहती हैं । ( 3 ) बद्धContinue reading “आत्माएँ तीन प्रकार की हैं”

Meaning and Value of Satsang

At the Dera in March 1983, Daryai Lal Kapur, asked Maharaj Charan Singh ji to talk about the Meaning and Value of Satsang. Q. Maharaj ji, my understanding of the term ‘Satsang’ is where there are Two Satsangis or more gathered together at a proper place, reading some text bearing Santmat and trying to understandContinue reading “Meaning and Value of Satsang”

ब्रह्मचर्य के लाभ

डॉक्टर निकलसन कहते हैं कि स्त्रियों और पुरुषों में शरीर का सबसे अच्छा रक्त संतानोत्पत्ति के तत्त्वों को बनाने में खर्च होता है । एक पवित्र जीवन जीनेवाले मनुष्य में वीर्य का तत्त्व शरीर में दुबारा जज़्ब होता है और रक्त के प्रवाह में मिलकर उत्तम शारीरिक , दिली और दिमागी ताक़त को बनाता हैContinue reading “ब्रह्मचर्य के लाभ”

सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें

एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः “ये मूँग हमारी अमानत हैं। ये सड़े गले नहीं बल्कि बढ़े-चढ़े यह ध्यान रखना। दो वर्ष बाद जब हम वापस आयेंगे तो इन्हें ले लेंगे संत तो तीर्थयात्रा के लिए चले गये इधर एक शिष्य ने मूँग के डिब्बेContinue reading “सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें”

मन का शिकार – उसे वश में करना

एक ग्रामीण शिकारी के जीवन पर आधारित यह पद मन को वश में करने का सुझाव देता है । शिकार पर जाते हुए पति से शिकारी की पत्नी कहती है कि हे पतिदेव , किसी जीवित प्राणी की हत्या न करना , परन्तु मरा हुआ , रक्त तथा मांस से हीन शिकार लेकर भी घरContinue reading “मन का शिकार – उसे वश में करना”

एक कथा -मेरी भी और आपकी भी

बहुत समय पहले की बात है, एक राजा जंगल में शिकार खेलने गया, संयोगवश वह रास्ता भूलकर घने जंगल में जा पहुँचा। उसे रास्ता ढूंढते-ढूंढते रात्रि हो गई और वर्षा होने लगी। राजा बहुत डर गया और किसी प्रकार उस भयानक जंगल में रात्रि बिताने के लिए विश्राम का स्थान ढूंढने लगा। कुछ दूरी परContinue reading “एक कथा -मेरी भी और आपकी भी”

जब तक वो देता रहेगा, तब तक मैं भी देता रहुँगा !!!

एक बार एक सत्संग के बाद, गुरुजी एक कतार में खड़े लोगों को प्रसाद बाँट रहे थे। एक छोटा लड़का गुरुजी तक भागके गया और गुरुजीने वह छोटे लड़के को प्रसाद दिया … लड़का प्रसाद लेकर भाग गया …और फिर गुरुजी के पास गया और गुरुजीने उसे प्रसाद फिर से दिया … पूर्ण उत्साह केContinue reading “जब तक वो देता रहेगा, तब तक मैं भी देता रहुँगा !!!”

जहाँ आसा तहाँ बासा

जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जायें , तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या एक बिंदु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा ।सेंट मैथ्यू कहा जाता है कि कबीर साहिब जब बाहर जाया करते थे तो एक आदमी उन्हें अकसर खेत में बैठा मिलता था । एक दिन कबीर साहिब ने उससे कहाContinue reading “जहाँ आसा तहाँ बासा”

बरतन को टकोरना

सील गहनि सब की सहनि , कहनि हीय मुख राम । तुलसी रहिए एहि रहनि , संत जनन को काम ॥ गोस्वामी तुलसीदास दादू जी एक कामिल फ़क़ीर हुए हैं । उनका जन्म मुसलमान परिवार में हुआ था । एक बार दो पंडित आपके पास इस ग़रज़ से आये कि चलकर सत्संग सुनें और गुरुContinue reading “बरतन को टकोरना”

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