सच्चा नाम क्या है ?

नाम नाम सब कहत है नाम न पाया कोय ||1|| परमात्मा का नाम तो सब जपते है पर किसी को भी नाम (परमात्नमा) हीं मिला है ?   अब हमें यह इस बात पर विचार करना है कि कोनसा नाम हम जपते है ? और उसको जपने से हमें कोनसा नाम नही मिला ?  हम सबContinue reading “सच्चा नाम क्या है ?”

पूर्ण गुरु की क्या निशानी है?

चौपाई सोई गुरू पूरा कहलावै । दुइ अक्षर का भेद लखावै ॥1 ॥ एक छुड़ावै एक मिलावै । तब निःशंक निज घर पहुँचावै ॥2 ॥ सो गुरू बंदीछोर कहावै । बंदी छोरि के जिव मुक्तावै ॥3 ॥ पूर्ण गुरु की क्या निशानी है ? पूर्ण गुरु वह है , जो लिखने , पढ़ने , बोलनेContinue reading “पूर्ण गुरु की क्या निशानी है?”

गुरु की मेहरबानी

मैनें एक आदमी से पूछा कि गुरू कौन है ! वो सेब खा रहाथा, उसने एक सेब मेरे हाथ में देकर मुझसे पूछा । इसमें कितने बीज है बता सकते हो ? सेब काटकर मैंने गिनकर कहा तीन बीज हैं ! उसने एक बीज अपने हाथ में लिया और फिर पूछा इस बीज में कितनेContinue reading “गुरु की मेहरबानी”

ब्रह्मचर्य के लाभ

डॉक्टर निकलसन कहते हैं कि स्त्रियों और पुरुषों में शरीर का सबसे अच्छा रक्त संतानोत्पत्ति के तत्त्वों को बनाने में खर्च होता है । एक पवित्र जीवन जीनेवाले मनुष्य में वीर्य का तत्त्व शरीर में दुबारा जज़्ब होता है और रक्त के प्रवाह में मिलकर उत्तम शारीरिक , दिली और दिमागी ताक़त को बनाता हैContinue reading “ब्रह्मचर्य के लाभ”

सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें

एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः “ये मूँग हमारी अमानत हैं। ये सड़े गले नहीं बल्कि बढ़े-चढ़े यह ध्यान रखना। दो वर्ष बाद जब हम वापस आयेंगे तो इन्हें ले लेंगे संत तो तीर्थयात्रा के लिए चले गये इधर एक शिष्य ने मूँग के डिब्बेContinue reading “सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें”

एक कथा -मेरी भी और आपकी भी

बहुत समय पहले की बात है, एक राजा जंगल में शिकार खेलने गया, संयोगवश वह रास्ता भूलकर घने जंगल में जा पहुँचा। उसे रास्ता ढूंढते-ढूंढते रात्रि हो गई और वर्षा होने लगी। राजा बहुत डर गया और किसी प्रकार उस भयानक जंगल में रात्रि बिताने के लिए विश्राम का स्थान ढूंढने लगा। कुछ दूरी परContinue reading “एक कथा -मेरी भी और आपकी भी”

जब तक वो देता रहेगा, तब तक मैं भी देता रहुँगा !!!

एक बार एक सत्संग के बाद, गुरुजी एक कतार में खड़े लोगों को प्रसाद बाँट रहे थे। एक छोटा लड़का गुरुजी तक भागके गया और गुरुजीने वह छोटे लड़के को प्रसाद दिया … लड़का प्रसाद लेकर भाग गया …और फिर गुरुजी के पास गया और गुरुजीने उसे प्रसाद फिर से दिया … पूर्ण उत्साह केContinue reading “जब तक वो देता रहेगा, तब तक मैं भी देता रहुँगा !!!”

जहाँ आसा तहाँ बासा

जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जायें , तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या एक बिंदु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा ।सेंट मैथ्यू कहा जाता है कि कबीर साहिब जब बाहर जाया करते थे तो एक आदमी उन्हें अकसर खेत में बैठा मिलता था । एक दिन कबीर साहिब ने उससे कहाContinue reading “जहाँ आसा तहाँ बासा”

मालिक कैसे दया करता है ?

सतगुरु के बिना हकीक़त का भेद नहीं खुल सकता , न कोई मन – माया के बंधनों से छूट सकता है और बिना शब्द के न कोई मालिक से मिल सकता है । केवल सतगुरु ही सुरत को शब्द के साथ जोड़ता है । महाराज सावन सिंह गुरु अमरदास जी के समय का वृत्तांत हैContinue reading “मालिक कैसे दया करता है ?”

व्यर्थ गयी कमाई

जनम जनम की इस मन कउ मल लागी काला होआ सिआह ॥ खंनली धोती उजली न होवई जे सउ धोवण पाह ॥ गुरु अमरदास पराशर जी सारी उम्र योगाभ्यास में रहे । पूर्ण योगी होकर घर को वापस आ रहे थे । रास्ते में एक नदी पड़ती थी । जब वहाँ आये तो मल्लाह सेContinue reading “व्यर्थ गयी कमाई”

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