
Share this: spiritual
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बहुत बहुत बधाई एवं मंगलकामना प्रदीप जी।🙏
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धन्यवाद सर
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बहुत ही शुभकामनाएं आपको🎉🌹, आप ऐसे ही आगे बढ़ते रहें।🙏
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धन्यवाद सर जी
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Badhaiyaan for the achievement ! Well deserved for spreading positivity around. 👍🏼
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आप करते बाते ऐसी
कहते ज्ञान मिले यहां
मोह माया से निकलो सारे
खुद फँसे आप यहां।।
यह दिखावा नही तो क्या
लाइक इतने मिले
कहते प्रभु सदा धरा
कर्म पर यकीन करें।।
आप भटक रहे खुद धरा पर
देखो प्रमाण यहां
सन्तो को शोभा नही देता
कोई तारीफ करे यहां।।
हम ना करते बाते ऐसी
इतिहास बोले यहां
कहते भगत खुद को बड़ा
नाम नारद था यहां।।
बोले एक भगत को जाकर
श्रीहरि का सबसे बड़ा भगत में यहां
मुझ से बड़ा कोई भगत नही
पूरे ब्रह्मांड में है यहाँ।।
श्रीहरि को अहसास हुआ
थे ध्यान मग्न वो वहां
तुरंत प्रभाव से लीला रची
किया अहंकार मुक्त वहाँ।।
इसलिए बोले आप हो सन्त
बाते अछि लगे हमे यहां
भटक ना जाना भवसागर में
हैं पार आपको कराना।।
क्या होगा चंद लोग ही देगे
आपको बधाई यहां
एक करोड़ हो तब लगाना
सवा अरब आबादी यहां।।
बुरा मानना बात नही
शब्द जहर हैं बुझे
सन्तो काम क्षमा दान देना
हमे बालक नादान समझे।।
आगे आपकी मर्जी हैं
काम बताना यहां
सन्त लगे आप हमें
इसलिए कहना फर्ज बना।।
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आपकी बातें दिल से लगाते हैं। क्यों कि अभी हमे बहुत सुधरना है। आप हमारा और हमारी बातों का विशलेषण करते है वरना लोग तो बिना पढ़े लाइक करके खुश करने की कोशिश करते है। हमे अच्छा लगता जब आप जैसे पढ़ते है और हमे अच्छा लगता है।
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ThankS
कदम कदम मिलकर बड़े
मंजिल मीले तभी यहां
एक अकेला पार नही
ना भवसागर पार कर सके यहां।।
विचार पसन्द आपको हमारे
भाग्यशाली हम बने यहां
चरणों धूल माथे हमारे
वो चरण आपके हो यहां।।
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ना हम संत है। हा गुरु की बताई युक्ति पर चलने की कोशिश कर रहे है। खुदी को छोड़कर खुदा बनने की कोशिश में लगे है। आत्मा है परमात्मा बनने में लगे है।
साई बुल्लेशाह फरमाते है
“जब लग खुदी करे खुद नफ्सो, तब लग रब्ब न पावे हूं।”
इसीलिए हम अभी काफी अवगुणों से भरे है। जब मेरे गुरु दया करेगे तब ही हम रंगे जायेगे परमार्थ के राग में
“मेरा गुरु दईयाल सदा रंग लीना”
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कोशिश करे इंसान कभी
तो धरा उतरे भगवान सदा
खुद कभी ना दिखे किसी को
मानव में खुद को दिखाए यहां।।
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