परमात्मा की नजर में सब बराबर है..

जब – जब महात्मा संसार में आते हैं , वे संसार को यही उपदेश देते हैं कि सब इनसान मालिक ने पैदा किये हैं , इसलिए सब बराबर हैं । अगर दुनियावी परमात्मा की नजर में सब बराबर हैं नजर से विचार करें , तो भी मूल रूप से सब समान हैं – चाहे वे राजा हो या प्रजा , अमीर हों या गरीब , या किसी भी देश , क़ौम व धर्म के हों ।

पहली बात यह है कि सब की पैदाइश एक तरह से होती है । सब अपने माता – पिता के द्वारा संसार में आते हैं और माता के गर्भ में नौ – दस महीने रहकर , समान रूप से ही जन्म लेते हैं । यह नहीं कि ब्राह्मण का जन्म और तरह से होता है और मुसलमान का किसी और तरह से । कबीर साहिब एक ब्राह्मण जाति के व्यक्ति से कहते हैं कि अगर तू किसी ब्राह्मणी का जाया ब्राह्मण है , तो किसी और तरह से पैदा क्यों नहीं हुआ :

जौ तूं ब्राहमणु ब्रहमणी जाइआ ॥ तउ आन बाट काहे नही आइआ ॥ आदि ग्रन्थ , पृ .324

सबकी मौत भी एक तरह से ही होती है । यह नहीं कि एक क़ौम के इनसान की मौत एक प्रकार से होती है और दूसरे की दूसरी तरह से । सबको एक जैसी बीमारियाँ होती हैं । यह नहीं कि एक क़ौम के बन्दे को बुख़ार एक तरह से चढ़ता हो और दूसरी क़ौम के बन्दे को दूसरी तरह से । इसी तरह सबकी बीमारियों का इलाज भी एक – सा ही होता है । क्या मच्छर एक क़ौम के आदमी को काटता है और दूसरी क़ौम के आदमी को नहीं ?

हँसना – रोना भी सबका एक – सा ही है । सर्दी – गर्मी भी सबको एक – सी ही लगती है । जीवन के आवश्यक पदार्थ – हवा , पानी , प्रकाश , फल आदि – सबके लिए एक जैसे ही हैं । सब क़ौमों के लोगों की बनावट भी समान ही है। एक जैसी आंखे, एक जैसे कान, एक जैसे ही शरीर और उनके अंदर एक से ही प्राण है। फिर ये शरीर भी पांच तत्वों – मिट्टी, पानी, आग, हवा और आकाश- के बने हुए है। सब लोग एक ही धरती के ऊपर और एक ही आकाश के नीचे रहते है।

Published by Pradeep Th

अनमोल मनुष्य जन्म और आध्यात्मिकता

One thought on “परमात्मा की नजर में सब बराबर है..

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started