ब्रह्मचर्य के लाभ

डॉक्टर निकलसन कहते हैं कि स्त्रियों और पुरुषों में शरीर का सबसे अच्छा रक्त संतानोत्पत्ति के तत्त्वों को बनाने में खर्च होता है । एक पवित्र जीवन जीनेवाले मनुष्य में वीर्य का तत्त्व शरीर में दुबारा जज़्ब होता है और रक्त के प्रवाह में मिलकर उत्तम शारीरिक , दिली और दिमागी ताक़त को बनाता हैContinue reading “ब्रह्मचर्य के लाभ”

सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें

एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः “ये मूँग हमारी अमानत हैं। ये सड़े गले नहीं बल्कि बढ़े-चढ़े यह ध्यान रखना। दो वर्ष बाद जब हम वापस आयेंगे तो इन्हें ले लेंगे संत तो तीर्थयात्रा के लिए चले गये इधर एक शिष्य ने मूँग के डिब्बेContinue reading “सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें”

मन का शिकार – उसे वश में करना

एक ग्रामीण शिकारी के जीवन पर आधारित यह पद मन को वश में करने का सुझाव देता है । शिकार पर जाते हुए पति से शिकारी की पत्नी कहती है कि हे पतिदेव , किसी जीवित प्राणी की हत्या न करना , परन्तु मरा हुआ , रक्त तथा मांस से हीन शिकार लेकर भी घरContinue reading “मन का शिकार – उसे वश में करना”

गुरु की चिट्ठी

एक गृहस्थ भक्त अपनी जीविका का आधा भाग घर में दो दिन के खर्च के लिए पत्नी को देकर अपने गुरुदेव के पास गया। दो दिन बाद उसने अपने गुरुदेव को निवेदन किया के अभी मुझे घर जाना है। मैं धर्मपत्नी को दो ही दिन का घर खर्च दे पाया हूं । घर खर्च खत्मContinue reading “गुरु की चिट्ठी”

परमात्मा बुद्धि की शक्ति से नहीं पाया जा सकता

परमात्मा बुद्धि की शक्ति से नहीं पाया जा सकता और न ही तर्क यानी दलील के द्वारा उसके होने का सबूत दिया जा सकता है । वह कैसा है , कहाँ है आदि के बारे में सब सोच – विचार व्यर्थ है । कबीर साहिब कहते हैं : बासुरि गमि न रैणि गमि , नाँContinue reading “परमात्मा बुद्धि की शक्ति से नहीं पाया जा सकता”

हार- जीत का फैसला

बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ में निर्णायक थीं- मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार- जीत का निर्णय होना बाक़ी था, इसी बीच देवी भारती को किसी आवश्यक कार्य से कुछ समय के लिये बाहर जाना पड़ गया। लेकिनContinue reading “हार- जीत का फैसला”

अनमोल वचन

हमारी प्रार्थनाएँ और अरदासें व्यर्थ हैं , जब तक कि हम अपनी ओर से द्वार खोलने की पूरी कोशिश के द्वारा उन्हें सबल नहीं बनाते । सतगुरु जानते हैं कि नाम के लिए हमारी इच्छा और प्यास दिखावटी है । हमारी प्रार्थनाएँ निष्कपट और सच्ची नहीं हैं । हमारा मन अभी भी दुनिया और उसकेContinue reading “अनमोल वचन”

एक कथा -मेरी भी और आपकी भी

बहुत समय पहले की बात है, एक राजा जंगल में शिकार खेलने गया, संयोगवश वह रास्ता भूलकर घने जंगल में जा पहुँचा। उसे रास्ता ढूंढते-ढूंढते रात्रि हो गई और वर्षा होने लगी। राजा बहुत डर गया और किसी प्रकार उस भयानक जंगल में रात्रि बिताने के लिए विश्राम का स्थान ढूंढने लगा। कुछ दूरी परContinue reading “एक कथा -मेरी भी और आपकी भी”

भगवान

भगवान जब भगवान ने मछली का निर्माण करना चाहा, तो उसके जीवन के लिये उनको समुद्र से वार्ता करनी पड़ी।जब भगवान ने पेड़ों का निर्माण करना चाहा, तो उन्होंने पृथ्वी से बात की।लेकिन जब भगवान ने मनुष्य को बनाना चाहा, तो उन्होंने खुद से ही विचार विमर्श किया। तब भगवान ने कहा: “मुझे अपने आकारContinue reading “भगवान”

पूरे जीवन का अनुभव

चार्ली चैपलिन 88 वर्ष जीयेउन्होंने हमारे लिए 4 बातें बतलाई:(1) इस दुनिया में कुछ भी हमेशा के लिए नहीं है, हमारी समस्याएं भी नहीं हैं।(2) मुझे बारिश में घूमना बहुत पसंद है क्योंकि कोई भी मेरे आँसू नहीं देख सकता।(3) जीवन का सबसे खोया हुआ दिन वह दिन होता है जब हम हँसते नहीं हैं।(4)Continue reading “पूरे जीवन का अनुभव”

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