जीवित गुरु की आवश्यकता

1. गुरु और गोविन्द एक ही हैं सच्चे सन्त परमात्मा में मिलकर परमात्मा रूप हो चुके होते हैं । अत : परमात्मा की प्राप्ति सन्तों द्वारा ही हो सकती है और सन्त परमात्मा की कृपा से ही मिलते हैं । स्वयं भगवान् का यह कहना है कि जिस तरह दूध में मिलकर पानी और जलContinue reading “जीवित गुरु की आवश्यकता”

मानव जीवन का उद्देश्य

परमात्मा की प्राप्ति (संत दादू दयाल जी …….) परमात्मा की प्राप्ति मनुष्य – जन्म में ही सम्भव है । मानव शरीर धारण करके ही हम परमात्मा के सच्चे नाम की नौका पर चढ़कर इस विशाल भवसागर को पार कर सकते हैं । मानव शरीर को परमात्मा का मन्दिर , नर – नारायणी देह या मुक्तिContinue reading “मानव जीवन का उद्देश्य”

शूरवीर (मदन साहिब रचित ग्रंथ से)

विद्यार्थी से आशा की जाती है कि स्कूल की वर्दी को लज्जित न करे । वह कोई ऐसा काम न करे जिससे स्कूल की बदनामी हो । सैनिक से आशा की जाती है कि युद्ध के मैदान में पीठ न दिखाए ताकि उसके देश की सेना का नाम बदनाम न हो । इसी प्रकार शिष्यContinue reading “शूरवीर (मदन साहिब रचित ग्रंथ से)”

अपनी मृत्यु…अपनो की मृत्यु डरावनी लगती है

अपनी मृत्यु…अपनो की मृत्यु डरावनी लगती है बाकी तो मौत का उत्सव मनाता है मनुष्य… मौत के स्वाद काचटखारे लेता मनुष्यथोड़ा कड़वा लिखा है पर मन का लिखा है…… … मौत से प्यार नहीं , मौत तो हमारा स्वाद है । बकरे का, पाए का, तीतर का, मुर्गे का, हलाल का, बिना हलाल का, ताजाContinue reading “अपनी मृत्यु…अपनो की मृत्यु डरावनी लगती है”

परमात्मा के नजदीक कोन?

कष्ट , पीड़ा , दुःख और रोग हमारी खूब सफ़ाई करते हैं । वे हमें बेहतर इनसान बनाते हैं और परमात्मा के नज़दीक ले आते हैं । भगवान कृष्ण ( भागवत में ) उद्धव से कहते हैं , ‘ मैं अपने सबसे प्यारे भक्तों को तीन दुर्लभ उपहार या सौगातें देता हूँ । वे हैंContinue reading “परमात्मा के नजदीक कोन?”

सोच का फर्क (Motivational story):

🌻सोच का फर्क (Motivational story): एक गरीब आदमी बड़ी मेहनत से एक – एक रूपया जोड़ कर मकान बनवाता है . उस मकान को बनवाने के लिए वह पिछले 20 वर्षों से एक – एक पैसा बचत करता है ताकि उसका परिवार छोटे से झोपड़े से निकलकर पक्के मकान में सुखी रह सके .आखिरकार एकContinue reading “सोच का फर्क (Motivational story):”

शर्त

महान लेखक टालस्टाय की एक कहानी है – “शर्त “ इस कहानी में दो मित्रो में आपस मे शर्त लगती है कि, यदि उसने 1 माह एकांत में बिना किसी से मिले,बातचीत किये एक कमरे में बिता देता है, तो उसे 10 लाख नकद वो देगा । इस बीच, यदि वो शर्त पूरी नहीं करता,Continue reading “शर्त”

प्रकृति का न्याय

प्रकृति का न्याय कच्छ भूकंप के दौरान की एक घटना…पुलिस राहत कार्य कर रही थी। मलबे को घर से निकालने के लिए,जीवित बचे लोगों ओर मृतकों को बाहर निकाल रही थी।एक बूढ़ा आदमी एक सुंदर घर के मलबे के बाहर बैठा था। मकान ढह गया। पुलिस आई, उस के पुत्रवधू का शव मलबे से निकलाContinue reading “प्रकृति का न्याय”

डर का असर

बहुत पुरानी बात है, एक नगर मे महामारी आने वाली थीउसने नगर के राजा से कहा मैं आ रही हूँ, और 500 लोगो की जान लुंगी। राजा ने नगर में ढिंढोरा पिटवा दिया, हर तरफ महामारी का ज़ोर और दहशत एवं डर का माहौल हो गया।जब महामारी जाने लगी राजा ने कहा कि तुमने तोContinue reading “डर का असर”

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