एक समय मोची का काम करने वाले व्यक्ति को रात में भगवान ने सपना दिया और कहा कि कल सुबह मैं तुझसे मिलने तेरी दुकान पर आऊंगा।मोची की दुकान काफी छोटी थी और उसकी आमदनी भी काफी सीमित थी। खाना खाने के बर्तन भी थोड़े से थे। इसके बावजूद वो अपनी जिंदगी से खुश रहताContinue reading “मदद”
Category Archives: परमार्थ सखियां
अधिकतर घरों में बच्चे यह दो प्रश्न अवश्य पूछते हैं
अधिकतर घरों में बच्चे यह दो प्रश्न अवश्य पूछते हैं जब दीपावली भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है तो दीपावली पर लक्ष्मी पूजन क्यों होता है? राम और सीता की पूजा क्यों नही?दूसरा यह कि दीपावली पर लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजाContinue reading “अधिकतर घरों में बच्चे यह दो प्रश्न अवश्य पूछते हैं”
भरोसा
एक व्यक्ति की नई नई शादी हुई और वो अपनी पत्नी के साथ घूम कर वापिस अपने घर आ रहे थे। रास्ते में जब दोनों को एक नदी को नाव से पार कर रहे थे, तभी अचानक एक भयंकर तूफ़ान आ गया। वो आदमी वीर था लेकिन औरत बहुत डरी हुई थी क्योंकि हालात बहुतContinue reading “भरोसा”
मंजिल, मुसाफिर और सफ़र
🌻मंजिल, मुसाफिर और सफ़र एक अनपढ़ गवांर आदमी जिसने कभी रेल्वे स्टेशन नही देखा हो और ना ही कभी ट्रेन का सफ़र तय किया हो ।और अगर उसे दिल्ली जाना हो तो वो पहले रेलवे स्टेशन आता है , अब बेचारा कभी ट्रेन में सफ़र तो किया नही , और स्टेशन पर इतनी सारी ट्रेनोंContinue reading “मंजिल, मुसाफिर और सफ़र”
सेवा का फल
एक बार सतगुरु(बाबा सावन सिंगजी)बाग में टहल रहे थे, सेवक पीछे पीछे चल रहे थे सतगुरु अचानक रुके ओर एक सेवक को इशारा कर के बुलायावह एक अमीर व्यापारी का बेटा था सतगुरू इशारा कर के बोले बेटा यहाँ काफी काई जम गई है इसे साफ कर देना सेवक ने उस समय तो ठीक हैContinue reading “सेवा का फल”
कर्मों के उत्तराधिकारी
गांव-देहात में एक कीड़ा पाया जाता है, जिसे गोबरैला कहा जाता है। उसे गाय, भैंसों के ताजे गोबर की बू बहुत भाती है! वह सुबह से गोबर की तलाश में निकल पड़ता है और सारा दिन उसे जहां कहीं गोबर मिल जाता है, वहीं उसका गोला बनाना शुरू कर देता है। शाम तक वह एकContinue reading “कर्मों के उत्तराधिकारी”
सत्संग की सच्ची ख्वाइश का फल
पाकिस्तान में कालाबाग में अक्सर हुजूर बड़े महाराज (सतगुरु) सत्संग देने जाते थे। कालाबाग के पास एक गांव में एक बुजुर्ग महिला जिसकी उम्र अस्सी साल से ऊपर थी को भी पता चला कि ब्यास वाले संत कालाबाग में सत्संग देने आने वाले हैं। उस बुजुर्ग महिला ने अपने लड़के से कहा कि तुम मुझेContinue reading “सत्संग की सच्ची ख्वाइश का फल”
🧘🏽♂️बाहर नहीं अंदर खोजें🧘🏽♂️
संतों महात्माओं के उपदेश का आदर करो और खुद को पहचानों आप क्या हो और क्या कर रहे हो ?एक भिखारी था । उसने सम्राट होने के लिए कमर कसी और चौराहे पर अपनी फटी-पुरानी चादर बिछा दी, अपनी हाँडी रख दी और सुबह-दोपहर-शाम भीख माँगना शुरू कर दिया क्योंकि उसे सम्राट होना था। लेकिनContinue reading “🧘🏽♂️बाहर नहीं अंदर खोजें🧘🏽♂️”
गुरु कौन
बहुत समय पहले की बात है, किसी नगर में एक बेहद प्रभावशाली महंत रहते थे। उन के पास शिक्षा लेने हेतु दूर दूर से शिष्य आते थे। एक दिन एक शिष्य ने महंत से सवाल किया, स्वामीजी आपके गुरु कौन है?आपने किस गुरु से शिक्षा प्राप्त की है? महंत शिष्य का सवाल सुन मुस्कुराए औरContinue reading “गुरु कौन”
परमात्मा खुद लेने आता है!
एक बादशाह ने वज़ीर से पूछा- परमात्मा के साथ मिलाप कैसे हो सकता है? वजीर बोला, परमात्मा स्वयं कामिल मुर्शिद का रूप धारण करके जीव को अपने साथ मिलाने के लिए इस संसार में आता है। बादशाह बोला, परमात्मा के पास तो फरिश्तों की फौज है, फिर उसे स्वयं इंसान के रूप में यहां आनेContinue reading “परमात्मा खुद लेने आता है!”