गुरु में विश्वास अटल रखना है

जब एक मटका खरीदा जाता है तो उसे पत्थर से बजाके परखा जाता है।पर यदि उस पत्थर की जगह मिट्टी के ठेलें से मटके को बजाया जाए तो मटके से पहले वह मिट्टी का ठेला टूट कर बिखर जाएगा।गुरु को परखने के पहले सिख को मजबूत पत्थर बनना होगा।हमारा तो ख़ुद का विश्वास मिट्टी कीContinue reading “गुरु में विश्वास अटल रखना है”

सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें

एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः “ये मूँग हमारी अमानत हैं। ये सड़े गले नहीं बल्कि बढ़े-चढ़े यह ध्यान रखना। दो वर्ष बाद जब हम वापस आयेंगे तो इन्हें ले लेंगे संत तो तीर्थयात्रा के लिए चले गये इधर एक शिष्य ने मूँग के डिब्बेContinue reading “सत्संग का फायदा होगा जब हम अमल करेगें”

सिकंदर महान की अंतिम इच्छा

मेरे आगे मैं खड़ा , ता भै रह्या लुकाइ । दादू परगट पीव है , जे यहु आपा जाइ ॥ संत दादू दयाल सिकंदरे – आज़म , जिसको विश्व विजयी कहते हैं , जब सारी दुनिया को जीतता हुआ भारत के उत्तर – पश्चिम में ब्यास नदी के पास आया , तो फ़ौज ने आगेContinue reading “सिकंदर महान की अंतिम इच्छा”

व्यर्थ गयी कमाई

जनम जनम की इस मन कउ मल लागी काला होआ सिआह ॥ खंनली धोती उजली न होवई जे सउ धोवण पाह ॥ गुरु अमरदास पराशर जी सारी उम्र योगाभ्यास में रहे । पूर्ण योगी होकर घर को वापस आ रहे थे । रास्ते में एक नदी पड़ती थी । जब वहाँ आये तो मल्लाह सेContinue reading “व्यर्थ गयी कमाई”

मूर्ख को समझाना बेकार

उन जैसा बहरा और कौन हो सकता है जो सुनेंगे नहीं ।। कहावत एक बार किसी मूर्ख व्यापारी ने एक घोड़े पर एक तरफ़ दो मन गेहूँ लाद दिया तथा दूसरी ओर दो मन रेत डाल ली ताकि बोझ बराबर हो जाये और घोड़े को तकलीफ़ न हो । एक ग़रीब आदमी ने , जोContinue reading “मूर्ख को समझाना बेकार”

विरह – वेदना

प्रभात – वेला की इबादत और रात भर मालिक के वियोग में विलाप मालिक की प्राप्ति के ख़ज़ाने की कुंजी हैं । ख्वाजा हाफ़िज़ शेख शिबली एक दिन अपने शिष्यों के साथ बैठे थे । सर्दी का मौसम था , आग जल रही थी । अचानक उनका ध्यान चूल्हे में जलती हुई लकड़ी के एकContinue reading “विरह – वेदना”

अमृत वेला- Time of Nectar

ग्रंथो शास्त्रों में सुबह सवेरे यानी रात के पिछले पहर को अमृत वेला, ब्रह्म मुहूर्त, ब्रह्म घड़ी आदि कहा गया है। परमेश्वर के भक्तों ने अमृत वेला को भक्ति के लिए खास तौर से लाभदायक माना है। सुबह का वातावरण भक्ति के लिए बहुत उत्तम होता है। सबह के समय रात भर सोने के बादContinue reading “अमृत वेला- Time of Nectar”

नदी पार करने का मंत्र

यदि तुमको राई के दाने के बराबर भी विश्वास होता , तो तुम इस शहतूत के पेड़ से अगर कहते कि जड़ से उखड़कर समुद्र में लग जा , तो वह तुम्हारी मान लेता ।80 सेंट ल्यूक एक बार का ज़िक्र है , एक स्त्री किसी महापुरुष की सेवा किया करती थी । महात्मा काContinue reading “नदी पार करने का मंत्र”

संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?

सतगुरु की क्या महिमा करें , वह नीच से नीच और पापी से पापी जीवों को भी गले से लगा लेते हैं ।। महाराज सावन सिंह एक बार बारिश के मौसम में कुछ साधु – महात्मा अचानक कबीर साहिब के घर आ गये । बारिश के कारण कबीर साहिब बाज़ार में कपड़ा नहीं बेच सकेContinue reading “संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?”

शाहजहाँ की नम्रता

जब ख़ुदी मिट जायेगी तो तुम्हारा अपने प्रियतम से मिलाप हो जायेगा । इसलिए ऐ अक्लमंद इंसान ! ख़ुदी को मिटाने की कोशिश कर और आजिज़ बन ।मौलाना रूम दोपहर का वक़्त था । बादशाह शाहजहाँ को प्यास लगी । इधर – उधर देखा , कोई नौकर पास नहीं था । आम तौर पर पानीContinue reading “शाहजहाँ की नम्रता”

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