मूर्ख को समझाना बेकार

उन जैसा बहरा और कौन हो सकता है जो सुनेंगे नहीं ।। कहावत एक बार किसी मूर्ख व्यापारी ने एक घोड़े पर एक तरफ़ दो मन गेहूँ लाद दिया तथा दूसरी ओर दो मन रेत डाल ली ताकि बोझ बराबर हो जाये और घोड़े को तकलीफ़ न हो । एक ग़रीब आदमी ने , जोContinue reading “मूर्ख को समझाना बेकार”

ज्योतिष आद्यात्म की नजर से…

ज्योतिष द्वारा लोग भविष्य में घटनेवाली शुभ और अशुभ घटनाओं का पता लगाने का प्रयत्न करते है।लोग ज्योतिष विद्या द्वारा यह जानने का प्रयत्न करते है कि किस काम के लिए कौन सी घड़ी या कोन सा मुहूर्त शुभ है। इसी तरह वे यह जानने की भी कोशिश करते है कि किन स्थानों पर जानाContinue reading “ज्योतिष आद्यात्म की नजर से…”

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