खजूरों की चाह

स्वयं को मालिक को सौंप दो और शैतान का सामना करो , तो वह तुम्हारे पास भाग निकलेगा । परमेश्वर के निकट आओ तो वह भी तुम्हारे निकट आयेगा । सेंट जेम्स एक महात्मा बाज़ार में से गुज़र रहा था । रास्ते में एक कुँजड़े ने खजूरें बेचने के लिए रखी हुई थीं । मनContinue reading “खजूरों की चाह”

हज़रत जुनैद और घायल कुत्ता

मेरे संपूर्ण पवित्र पर्वत पर न वे किसी को चोट पहुँचायेंगे नष्ट करेंगे , क्योंकि धरती यहोवा ( प्रभु ) के ज्ञान से भरपूर रहेगी जैसे समुद्र पानी से भरा रहता है ।इसायाह जब हज़रत जुनैद बग़दादी क़ाबा को जा रहा था तो उसने रास्ते में एक कुत्ते को देखा , जो ज़ख़्मी हालत मेंContinue reading “हज़रत जुनैद और घायल कुत्ता”

संत वचन पलटे नहीं

उनको ( मुर्शिद को ) सही समझो क्योंकि वे सच्चे और भरोसे योग्य हैं । उनके उपचार में जादुई कमाल है , उनके वचनों में अल्लाह की ताक़त समायी हुई है ।मौलाना रूम जब गुरु गोबिन्द सिंह साहिब पहली बार मालवा गये , वह उजाड़ इलाक़ा था , बारिश की कमी के कारण वहाँ गेहूँContinue reading “संत वचन पलटे नहीं”

आधी रात का सूरज

तो भी अंधकार तुझसे न छिपायेगा , रात तो दिन के समान प्रकाश देगी ; क्योंकि तेरे लिए अंधियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं । साम्ज़ एक बार का ज़िक्र है , गुरु नानक साहिब के पास आपके बड़े लड़के श्री चन्द जी बैठे थे । आधी रात का समय था । आपने कहाContinue reading “आधी रात का सूरज”

चेतना का स्तर

ऐ मानव ! तू कब तक घड़े के बाहरी साँचे – ढाँचे और सजावट से मोहित होकर भ्रम में पड़ा रहेगा ? इनसे हटकर , घड़े के अन्दर जो पानी है उसकी ओर दृष्टि डाल । तू कब तक बाहरी सूरतों पर मोहित होता रहेगा ? हक़ीक़त का खोजी बन और हक़ीक़त की तलाश करContinue reading “चेतना का स्तर”

अमृत वेला- Time of Nectar

ग्रंथो शास्त्रों में सुबह सवेरे यानी रात के पिछले पहर को अमृत वेला, ब्रह्म मुहूर्त, ब्रह्म घड़ी आदि कहा गया है। परमेश्वर के भक्तों ने अमृत वेला को भक्ति के लिए खास तौर से लाभदायक माना है। सुबह का वातावरण भक्ति के लिए बहुत उत्तम होता है। सबह के समय रात भर सोने के बादContinue reading “अमृत वेला- Time of Nectar”

अमृत कैसे प्राप्त होगा

अमृत का नाम सुनकर ऐसा लगता है कि जिसके सेवन से हम अमर हो जाय । सूफी फकीरो ने इसे ‘ आबे हयात’ यानी अमर जीवन प्रदान करने वाला जल कहा है। यह संसार, इसके सब पदार्थ और रिश्ते- नाते नाशवान है यानी एक दिन सबको खत्म हो जाना है। सारी त्रिलोकी मृत्यु और विनाशContinue reading “अमृत कैसे प्राप्त होगा”

असल सुख को पाने का तरीका

आज एक सुखद अहसास हुआ जब ये वीडियो देखा। शायद हमारे में ही कमी है जो सिर्फ हम अपना ही सुख देखते है। इसलिए दुखी है। अगर हम दुसरो को सुख बाटेंगे तो ये बात तो पक्की है कि हम कभी दुखी नहीं होंगे। इसीलिए संत महात्मा कहते है कि अपनी कमाई का 10 वाContinue reading “असल सुख को पाने का तरीका”

धरती की परिक्रमा

गुरु के बिना सब कर्म – धर्म निष्फल हैं , ‘ बिन मुर्शिद कामल बुल्लया तेरी ऐवें गई इबादत कीती ‘ । जब तक जीव की अंतर की आँख नहीं खुलती और हक़ीक़त से संबंध नहीं होता , उसका कल्याण नहीं हो सकता । इस कार्य के लिए हमें किसी गुरु की शरण लेनी पड़तीContinue reading “धरती की परिक्रमा”

सत्संग का अर्थ

सत्संग : ‘ सत् ‘ का मतलब है ‘ सत्य ‘ या ‘ सच्च ‘ , ‘ जीवित ‘ या ‘ जाग्रत ‘ , और ‘ संग ‘ का मतलब है ‘ साथ ‘ या ‘ सोहबत ‘ , यानी सदा कायम रहनेवाले पुरुष की सोहबत या संगति का नाम सत्संग है । सतगुरु सत्Continue reading “सत्संग का अर्थ”

Design a site like this with WordPress.com
Get started