दरद न जाने कोय

मीरा बाई का शब्द हेरी मै तो प्रेम दीवानी, मेरो दरद न जाने कोय। सूली ऊपर सेज हमारी, किस बिध सोना होय। गगन मंडल में सेज पिया की, किस विध मिलना होय। घायल की घायल जानें, की जिन लाई होय। जौहर की गति जौहर जाने, की जिन जौहर होय। दरद की मारी बन बन डोलूContinue reading “दरद न जाने कोय”

विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान )

इसे पढ़े और सेव कर सुरक्षित कर लेवे। वाट्सअप पर ऐसी पोस्ट बहोत कम ही आती है।👇विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान ) ■ क्रति = सैकन्ड का 34000 वाँ भाग■ 1 त्रुति = सैकन्ड का 300 वाँ भाग■ 2 त्रुति = 1 लव ,■ 1 लव =Continue reading “विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियो का अनुसंधान )”

खूंटी का बंधन

A story to open eyes of many…खूंटी का बंधन *एक रात एक बड़ी घनी अंधेरी रात में एक काफिला एक रेगिस्तानी सराय में जाकर ठहरा। उस काफिले के पास सौ ऊंट थे। उन्होंने ऊंट बांधे, खूंटियां गड़ाईं, लेकिन आखिर में पाया कि एक ऊंट अनबंधा रह गया है। उनकी एक खूंटी और एक रस्सी कहींContinue reading “खूंटी का बंधन”

प्रेम और भक्ति का स्त्रोत

“यदि परमात्मा कि दया न हो तो हमे उससे बिछुड़ने का दुख महसूस ही नहीं होता और न ही वापस अपने असली घर जाने की इच्छा होती है। उस कुल मालिक की कृपा के बिना न तो हमारा सतगुरु से मिलाप हो सकता है और न ही हम उसके बताएं हुए मार्ग पर चल सकतेContinue reading “प्रेम और भक्ति का स्त्रोत”

मांगने योग्य दात

संतान, संपत्ति, शोभा, आदर आदि कई चीजों के लिए हमारे हाथ प्रार्थना में उठते रहते है, पर इस दिशा में प्राप्तियों का नतीजा अंत में दुखो, क्लेशों में निकलता है: “देदा दे लेदे थक पाहि” (आदि ग्रंथ पृष्ठ स २) अगर दातार प्रभु से कुछ मांगने की कामना हो तो और सब कुछ छोड़कर एकContinue reading “मांगने योग्य दात”

मांगने योग्य दात

संतान, संपत्ति, शोभा, आदर आदि कई चीजों के लिए हमारे हाथ प्रार्थना में उठते रहते है, पर इस दिशा में प्राप्तियों का नतीजा अंत में दुखो, क्लेशों में निकलता है: “देदा दे लेदे थक पाहि” (आदि ग्रंथ पृष्ठ स २) अगर दातार प्रभु से कुछ मांगने की कामना हो तो और सब कुछ छोड़कर एकContinue reading “मांगने योग्य दात”

प्रयास (efforts)

अपने हिस्से के लिए अपनी परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करें; लेकिन अपने प्रयासों के परिणामों को सतगुरु की इच्छा पर छोड़ दें। वह आपकी समस्याओं से अनजान नहीं है। -मास्टर जगत सिंह जी For your part make all necessary efforts to improve your circumstances; but leave the results of yourContinue reading “प्रयास (efforts)”

चौरासी लाख योनियों से मुक्ति

गुरू अर्जुन देव जी कहते है: लख चौरासी जोन सबाईं।। मानस कऊ प्रभ दी वडयाई।। इस पउड़ी ते जो नर चुके, सो आइ जाइ दुख पाईदा।। (आदि ग्रंथ पृष्ठ स १०७५) गुरू साहिब चेतावनी दे रहे है कि जो लोग प्रभु की अपार दया से मिले मनुष्य जन्म के अमूल्य अवसर को इन्द्रियों के भोगों,Continue reading “चौरासी लाख योनियों से मुक्ति”

हमारे लिए चेतावनी

कबीर साहिब चेतावनी देते है: कबीर सोता क्या करें, उठ के जपो दयार। एक दिना है सोवना,लंबे पाव पसार।। (कबीर साखी संग्रह पृष्ठ स 62) संतो महात्माओं ने मनुष्य को गाफिल, अचेत, मूर्ख, अज्ञानी, बावरा आदि कई नामों से पुकारते हुए उसको अनेक प्रकार की चेतावनी दी है। सबसे पहली बात महात्मा हमे यह समझातेContinue reading “हमारे लिए चेतावनी”

Design a site like this with WordPress.com
Get started