Spiritual link (Nov Dec 2020) by RSSB

https://rssb.org/spirituallink.html#archives If you have really thirst about spirituality please go above love link to read this book.

विरह – वेदना

प्रभात – वेला की इबादत और रात भर मालिक के वियोग में विलाप मालिक की प्राप्ति के ख़ज़ाने की कुंजी हैं । ख्वाजा हाफ़िज़ शेख शिबली एक दिन अपने शिष्यों के साथ बैठे थे । सर्दी का मौसम था , आग जल रही थी । अचानक उनका ध्यान चूल्हे में जलती हुई लकड़ी के एकContinue reading “विरह – वेदना”

भ्रंगी की सृजना

जिस नाम रिदै सो सभ ते ऊचा ॥ गुरु अर्जुन देव भ्रंगी के साथ एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है । कहा जाता है कि यह एक छोटे से बिल में अंडा देती है । फिर यह अपने लार्वे के लिए कोई कीड़ा ढूँढ़ लाती है । उस कीड़े को लार्वे के सामने रखकर बिलContinue reading “भ्रंगी की सृजना”

अमृत वेला- Time of Nectar

ग्रंथो शास्त्रों में सुबह सवेरे यानी रात के पिछले पहर को अमृत वेला, ब्रह्म मुहूर्त, ब्रह्म घड़ी आदि कहा गया है। परमेश्वर के भक्तों ने अमृत वेला को भक्ति के लिए खास तौर से लाभदायक माना है। सुबह का वातावरण भक्ति के लिए बहुत उत्तम होता है। सबह के समय रात भर सोने के बादContinue reading “अमृत वेला- Time of Nectar”

संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?

सतगुरु की क्या महिमा करें , वह नीच से नीच और पापी से पापी जीवों को भी गले से लगा लेते हैं ।। महाराज सावन सिंह एक बार बारिश के मौसम में कुछ साधु – महात्मा अचानक कबीर साहिब के घर आ गये । बारिश के कारण कबीर साहिब बाज़ार में कपड़ा नहीं बेच सकेContinue reading “संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?”

ज्योतिष आद्यात्म की नजर से…

ज्योतिष द्वारा लोग भविष्य में घटनेवाली शुभ और अशुभ घटनाओं का पता लगाने का प्रयत्न करते है।लोग ज्योतिष विद्या द्वारा यह जानने का प्रयत्न करते है कि किस काम के लिए कौन सी घड़ी या कोन सा मुहूर्त शुभ है। इसी तरह वे यह जानने की भी कोशिश करते है कि किन स्थानों पर जानाContinue reading “ज्योतिष आद्यात्म की नजर से…”

असली विद्वान कौन ?

मैं अपनी मूर्खता भरी बातें करनेवाली ज़बान से परमात्मा की भेद भरी बातों को बयान करने की हिम्मत नहीं कर सकता । अगर मैं हिम्मत करूँ तो भी बयान नहीं कर सकता । क्लाउड ऑफ़ अननोइंग एक बार एक विद्यार्थी अपनी बी . ए . की पढ़ाई पूरी करके अपने घर जा रहा था ।Continue reading “असली विद्वान कौन ?”

अंधा और भूलभुलैयाँ

कई जनम भए कीट पतंगा ॥ कई जनम गज मीन कुरंगा ॥ कई जनम पंखी सरप होइओ ॥ कई जनम हैवर ब्रिख जोइओ । मिल जगदीस मिलन की बरीआ ॥ चिरंकाल इह देह संजरीआ ॥ गुरु अर्जुन देव एक आदमी अंधा भी था और साथ ही गंजा भी था । थोड़ी सी ग़लती के कारणContinue reading “अंधा और भूलभुलैयाँ”

जो कछु किया साहिब किया

क्या जीवन इन हड्डियों और मांस के शरीर से अधिक मूल्यवान नहीं ? और क्या शरीर पोशाक से अधिक आदर योग्य वस्तु नहीं ? सेंट मैथ्यू कबीर साहिब ने मगहर से काशी में रिहाइश कर ली थी और वहीं सत्संग करना शुरू कर दिया था । उनका उपदेश था कि मनुष्य को अपने अंदर हीContinue reading “जो कछु किया साहिब किया”

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