मन में दीनता और अजीजी रखना क्यों जरूरी है?

सब महात्मा हमें यही उपदेश देते हैं कि इस मनुष्य-जन्म में आकर अपनी देह के अंदर मालिक की खोज करो लेकिन हम देह के अंदर मालिक को ढूँढने के बजाय उल्टे इस देह के ही मान और अहंकार में फँस जाते हैं। ज़रा गौर करके देखें कि हम इस शरीर में बैठकर किस चीज़ काContinue reading “मन में दीनता और अजीजी रखना क्यों जरूरी है?”

बरतन को टकोरना

सील गहनि सब की सहनि , कहनि हीय मुख राम । तुलसी रहिए एहि रहनि , संत जनन को काम ॥ गोस्वामी तुलसीदास दादू जी एक कामिल फ़क़ीर हुए हैं । उनका जन्म मुसलमान परिवार में हुआ था । एक बार दो पंडित आपके पास इस ग़रज़ से आये कि चलकर सत्संग सुनें और गुरुContinue reading “बरतन को टकोरना”

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