धर्म – ग्रन्थों का महत्त्व

ग्रन्थों – पोथियों में महात्माओं की रूहानी मण्डलों की यात्रा का वर्णन और उनके निजी अनुभवों का उल्लेख है , जिनको हमारे मार्ग – दर्शन के लिए उन्होंने पुस्तकों में लिखा । हमारे दिल में उनके लिये इज़्ज़त है । उन्हें पढ़कर हमारे अन्दर किसी हद तक परमार्थ का शौक़ और मालिक से मिलने काContinue reading “धर्म – ग्रन्थों का महत्त्व”

सही लक्ष्य

सही लक्ष्य दुःख से बचने के लिए और परम सुख की प्राप्ति के लिए लोग अंधा – धुंध , जी – तोड़ कोशिश करते हैं , पर कोई प्राप्ति होती नज़र नहीं आती । लेकिन समझदार इनसान पुरुषार्थ के साथ – साथ सही लक्ष्य को भी अपने सामने रखता है । यदि लक्ष्य सही नContinue reading “सही लक्ष्य”

अमृत कैसे प्राप्त होगा

अमृत का नाम सुनकर ऐसा लगता है कि जिसके सेवन से हम अमर हो जाय । सूफी फकीरो ने इसे ‘ आबे हयात’ यानी अमर जीवन प्रदान करने वाला जल कहा है। यह संसार, इसके सब पदार्थ और रिश्ते- नाते नाशवान है यानी एक दिन सबको खत्म हो जाना है। सारी त्रिलोकी मृत्यु और विनाशContinue reading “अमृत कैसे प्राप्त होगा”

सिद्धों के साथ सँवाद

भक्त रविदास जी उसतति सुनकर सिद्धों के मन में भी दर्शन करने की चाह पैदा हो गई। गोरखनाथ समेत सिद्ध-मण्डली तीर्थ यात्रा करती हुई काशीपुरी में पहुँची। भक्त रविदास जी के स्थान पर वह आदेश आदेश कहकर बैठ गए। गोरखनाथ ने परख करने के लिए अपने पैरों का एक पैला बनाने के लिए दिया। जबContinue reading “सिद्धों के साथ सँवाद”

कोई बोले राम,कोई खुदा

आदि ग्रंथ में गुरु अर्जुन देवजी ने फरमाया है: कोई बोलै राम राम कोई खुदाइ ।। कोई सेवै गुसईआ कोई अलाहि ।। कारण करण करीम । किरपा धारि रहीम ॥ कोई नावै तीरथि कोई हज जाइ ।। कोई करै पूजा कोई सिरु निवाइ ॥ कोई प . बेद कोई कतेब । कोई ओढे नील कोईContinue reading “कोई बोले राम,कोई खुदा”

परमात्मा की नजर में सब बराबर है..

जब – जब महात्मा संसार में आते हैं , वे संसार को यही उपदेश देते हैं कि सब इनसान मालिक ने पैदा किये हैं , इसलिए सब बराबर हैं । अगर दुनियावी परमात्मा की नजर में सब बराबर हैं नजर से विचार करें , तो भी मूल रूप से सब समान हैं – चाहे वेContinue reading “परमात्मा की नजर में सब बराबर है..”

मनुष्य धर्म

परमात्मा ने मनुष्य बनाये धर्मों की स्थापना बाद में हुई । मनुष्य धर्म के लिए नहीं बनाये गये थे , लेकिन धर्म मनुष्य की आत्मिक उन्नति के लिए बनाये गये थे ताकि वे उस परम आनन्द का अनुभव कर सकें जो केवल परमात्मा से मिलाप करने पर होता है । आजकल नयी सुविधाओं , भौतिकContinue reading “मनुष्य धर्म”

कलाम हजरत सुल्तान बाहू

पढ़ पढ़ इलम हजार कताबां, आलिम होए भारे हूं । हरफ़ इक इश्क दा पढ़ न जाणन, भुल्ले फिरन विचारे हूं । इक निगाह जे आशिक वेखे, लख हजारां तारे हूं । लक्ख निगाह जे आलिम वेखे,किसे न कधी चाढ़े हूं। इश्क अक़ल विच मंजल भारी,सैआं कोहां दे पाड़े हू। जिन्हां इश्क खरीद न कीता,Continue reading “कलाम हजरत सुल्तान बाहू”

आत्मा की विनती और पुकार

*करू बेनती दऊ कर जोरी अरज सुनो राधास्वामी मोरीस्वामीजी यहा पर आत्मा की पुकार का इस बेनती के जरीये वर्णन कर रहे है यह प्रार्थना आत्मा अपने पती रूपी परमात्मा से यहा पर कर रही है , हे सच्चे पातशाहा मै दोनो हाथ जोडकर तुम्हारे सामने अरदास कर रही हू आप मेरी अरदास स्वीकार करContinue reading “आत्मा की विनती और पुकार”

वो सबकी सुनता है ….

वो सबकी सुनता है …..शहर में एक अमीर सेठ रहता था। उसके पास बहुत पैसा था। वह बहुत फैक्ट्रियों का मालिक था।.एक शाम अचानक उसे बहुत बैचेनी होने लगी। डॉक्टर को बुलाया गया सारे जाँच करवा लिये गये। पर कुछ भी नहीं निकला। लेकिन उसकी बैचेनी बढ़ती गयी।.उसके समझ में नहीं आ रहा था किContinue reading “वो सबकी सुनता है ….”

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