यह लेख मूल रूप से राधा स्वामी ब्यास द्वारा प्रकाशित पुस्तक “गुरूमत सार” में से लिया है। इसमें जो अधिकतर बाणी या आयते है वो फारसी या अरबी में है उनका अर्थ साथ ही दिया गया है। सच्चो धर्म का सार अंश और अंशी मूल रूप में एक ही हैं । सब मनुष्य उसी एकContinue reading “सच्चे धर्म का सार”
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परमात्मा की नजर में सब बराबर है..
जब – जब महात्मा संसार में आते हैं , वे संसार को यही उपदेश देते हैं कि सब इनसान मालिक ने पैदा किये हैं , इसलिए सब बराबर हैं । अगर दुनियावी परमात्मा की नजर में सब बराबर हैं नजर से विचार करें , तो भी मूल रूप से सब समान हैं – चाहे वेContinue reading “परमात्मा की नजर में सब बराबर है..”
मनुष्य धर्म
परमात्मा ने मनुष्य बनाये धर्मों की स्थापना बाद में हुई । मनुष्य धर्म के लिए नहीं बनाये गये थे , लेकिन धर्म मनुष्य की आत्मिक उन्नति के लिए बनाये गये थे ताकि वे उस परम आनन्द का अनुभव कर सकें जो केवल परमात्मा से मिलाप करने पर होता है । आजकल नयी सुविधाओं , भौतिकContinue reading “मनुष्य धर्म”
पूर्ण गुरु परमात्मा का ही रूप है
संसार की चौरासी लाख योनियों का सिरजन होते हुए भी मनुष्य की कुछ अपनी मजबूरियां है। अगर मनुष्य को कुछ बताना या समझाना हो तो वह उससे ही समझ सकेगा जो उसी जैसा होकर उससे बात करे। सिरजनहार प्रभु जब अपनी दया मेहर के कारण अपनी पैदा की हुईं विशेष आत्माओं का उद्धार करना चाहताContinue reading “पूर्ण गुरु परमात्मा का ही रूप है”
परमात्मा तक पहुंचने की कुंजी या सीढ़ी-1
परमेश्वर तक पहुंचना कोई हंसी मजाक की बात नहीं।वह तो मानो किसी मजबूत किले में बैठा हुआ है और वह क़िला है मोटी पथरीली दीवारों और वज्र के मजबूत कपाटोवला। न दीवारे ढह सकती है, न कपाट ही टूटते है।इसलिए उसके अंदर जाने के लिए कोई उपाय नहीं बनता। हां, अगर एक सीढ़ी मिल जाए,Continue reading “परमात्मा तक पहुंचने की कुंजी या सीढ़ी-1”
परमात्मा की खोज में
परमात्मा की खोज हर एक महात्मा हम यही उपदेश देता है कि जब तक हमारी आत्मा अपने असल में जाकर नहीं समाती, तब तक इसका जन्म मरण के दुखो से छुटकारा नहीं हो सकता। इसीलिए हर एक को परमात्मा की खोज है। हम सब दुनिया के जीव अपनी अपनी अक्ल के अनुसार हजारों स्थानों परContinue reading “परमात्मा की खोज में”
सबकुछ लौटकर वापिस आता है
गलत यात्रा (wrong path)
अगर दिन में जब आप किसी भी समस्या का सामना नहीं करते है तो – आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप गलत रास्ते पर चल कर रहे हैं।” – स्वामी विवेकानंद आज सुबह ये सुंदर विचार पढ़ा तो सोचा आपके साथ सांझा करू। स्वामी विवेकानन्द जी कहते है कि अगर हमारी जिंदगी बहुतContinue reading “गलत यात्रा (wrong path)”
अभूतपूर्व भारत
नाम या शब्द भाग 3 (divine power)
नाम या शब्द भाग 3 (divine power) धुनात्मक नाम अंतर में ध्वनि के रूप में आंतरिक कानों द्वारा सुने जाने वाले को धुनात्मक नाम कहते है। इसके अंदर एक और विशेषता होती है कि यह प्रकाश के रूप में अंतर की आंखो द्वारा दिखाई भी देता है। जिसे सुरत और नीरत का खुलना भी कहतेContinue reading “नाम या शब्द भाग 3 (divine power)”