सतगुरु की क्या महिमा करें , वह नीच से नीच और पापी से पापी जीवों को भी गले से लगा लेते हैं ।। महाराज सावन सिंह एक बार बारिश के मौसम में कुछ साधु – महात्मा अचानक कबीर साहिब के घर आ गये । बारिश के कारण कबीर साहिब बाज़ार में कपड़ा नहीं बेच सकेContinue reading “संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?”
Tag Archives: Dada vaswani
रूहानियत की जरूरत
रूहानियत की जरूरत आजकल सारे संसार में खींच – तान , चिन्ता और फ़िक्र का राज्य नज़र आ रहा है । पहुँचे हुए महात्माओं को छोड़कर कोई भी , चाहे वह किसी भी वर्ग से सम्बन्धित है , इससे नहीं बच सका है । यह इस बात का प्रमाण है कि आजकल रूहानियत का दिवालाContinue reading “रूहानियत की जरूरत”
संतों के सामने घमंड
होह सभना की रेणुका तउ आउ हमारे पास ॥131 गुरु अर्जुन देव शेख़ फ़रीद को बहुत कम आयु में ही रूहानियत की गहरी लगन थी । उन्होंने ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती का नाम सुना हुआ था जो राजस्थान के एक शहर अजमेर में रहते थे । उनसे दीक्षा लेने जब वे अजमेर पहुँचे तो देखा किContinue reading “संतों के सामने घमंड”
सही लक्ष्य
सही लक्ष्य दुःख से बचने के लिए और परम सुख की प्राप्ति के लिए लोग अंधा – धुंध , जी – तोड़ कोशिश करते हैं , पर कोई प्राप्ति होती नज़र नहीं आती । लेकिन समझदार इनसान पुरुषार्थ के साथ – साथ सही लक्ष्य को भी अपने सामने रखता है । यदि लक्ष्य सही नContinue reading “सही लक्ष्य”
हमारे लिए चेतावनी
कबीर साहिब चेतावनी देते है: कबीर सोता क्या करें, उठ के जपो दयार। एक दिना है सोवना,लंबे पाव पसार।। (कबीर साखी संग्रह पृष्ठ स 62) संतो महात्माओं ने मनुष्य को गाफिल, अचेत, मूर्ख, अज्ञानी, बावरा आदि कई नामों से पुकारते हुए उसको अनेक प्रकार की चेतावनी दी है। सबसे पहली बात महात्मा हमे यह समझातेContinue reading “हमारे लिए चेतावनी”
सिमरन कैसे करें
सिमरन कैसे करें मनुष्य जब मालिक का सिमरन लगातार , हर साँस के साथ किया जाता है , तो की चेतना जाग्रत होकर परमात्मा का अनुभव करती है । जिन सन्तों महात्माओं ने परमात्मा का अनुभव किया है , उसका साक्षात्कार किया है , उनके द्वारा दिये गये नाम का सिमरन अत्यन्त लाभदायक होता हैContinue reading “सिमरन कैसे करें”
सिद्धों के साथ सँवाद
भक्त रविदास जी उसतति सुनकर सिद्धों के मन में भी दर्शन करने की चाह पैदा हो गई। गोरखनाथ समेत सिद्ध-मण्डली तीर्थ यात्रा करती हुई काशीपुरी में पहुँची। भक्त रविदास जी के स्थान पर वह आदेश आदेश कहकर बैठ गए। गोरखनाथ ने परख करने के लिए अपने पैरों का एक पैला बनाने के लिए दिया। जबContinue reading “सिद्धों के साथ सँवाद”
कोई बोले राम,कोई खुदा
आदि ग्रंथ में गुरु अर्जुन देवजी ने फरमाया है: कोई बोलै राम राम कोई खुदाइ ।। कोई सेवै गुसईआ कोई अलाहि ।। कारण करण करीम । किरपा धारि रहीम ॥ कोई नावै तीरथि कोई हज जाइ ।। कोई करै पूजा कोई सिरु निवाइ ॥ कोई प . बेद कोई कतेब । कोई ओढे नील कोईContinue reading “कोई बोले राम,कोई खुदा”
परमात्मा की नजर में सब बराबर है..
जब – जब महात्मा संसार में आते हैं , वे संसार को यही उपदेश देते हैं कि सब इनसान मालिक ने पैदा किये हैं , इसलिए सब बराबर हैं । अगर दुनियावी परमात्मा की नजर में सब बराबर हैं नजर से विचार करें , तो भी मूल रूप से सब समान हैं – चाहे वेContinue reading “परमात्मा की नजर में सब बराबर है..”