जो कछु किया साहिब किया

क्या जीवन इन हड्डियों और मांस के शरीर से अधिक मूल्यवान नहीं ? और क्या शरीर पोशाक से अधिक आदर योग्य वस्तु नहीं ? सेंट मैथ्यू कबीर साहिब ने मगहर से काशी में रिहाइश कर ली थी और वहीं सत्संग करना शुरू कर दिया था । उनका उपदेश था कि मनुष्य को अपने अंदर हीContinue reading “जो कछु किया साहिब किया”

संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?

सतगुरु की क्या महिमा करें , वह नीच से नीच और पापी से पापी जीवों को भी गले से लगा लेते हैं ।। महाराज सावन सिंह एक बार बारिश के मौसम में कुछ साधु – महात्मा अचानक कबीर साहिब के घर आ गये । बारिश के कारण कबीर साहिब बाज़ार में कपड़ा नहीं बेच सकेContinue reading “संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?”

हज़रत जुनैद और घायल कुत्ता

मेरे संपूर्ण पवित्र पर्वत पर न वे किसी को चोट पहुँचायेंगे नष्ट करेंगे , क्योंकि धरती यहोवा ( प्रभु ) के ज्ञान से भरपूर रहेगी जैसे समुद्र पानी से भरा रहता है ।इसायाह जब हज़रत जुनैद बग़दादी क़ाबा को जा रहा था तो उसने रास्ते में एक कुत्ते को देखा , जो ज़ख़्मी हालत मेंContinue reading “हज़रत जुनैद और घायल कुत्ता”

आधी रात का सूरज

तो भी अंधकार तुझसे न छिपायेगा , रात तो दिन के समान प्रकाश देगी ; क्योंकि तेरे लिए अंधियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं । साम्ज़ एक बार का ज़िक्र है , गुरु नानक साहिब के पास आपके बड़े लड़के श्री चन्द जी बैठे थे । आधी रात का समय था । आपने कहाContinue reading “आधी रात का सूरज”

असल सुख को पाने का तरीका

आज एक सुखद अहसास हुआ जब ये वीडियो देखा। शायद हमारे में ही कमी है जो सिर्फ हम अपना ही सुख देखते है। इसलिए दुखी है। अगर हम दुसरो को सुख बाटेंगे तो ये बात तो पक्की है कि हम कभी दुखी नहीं होंगे। इसीलिए संत महात्मा कहते है कि अपनी कमाई का 10 वाContinue reading “असल सुख को पाने का तरीका”

धरती की परिक्रमा

गुरु के बिना सब कर्म – धर्म निष्फल हैं , ‘ बिन मुर्शिद कामल बुल्लया तेरी ऐवें गई इबादत कीती ‘ । जब तक जीव की अंतर की आँख नहीं खुलती और हक़ीक़त से संबंध नहीं होता , उसका कल्याण नहीं हो सकता । इस कार्य के लिए हमें किसी गुरु की शरण लेनी पड़तीContinue reading “धरती की परिक्रमा”

पीर की जूती का मोल

जब हमारा प्रेम सबकी ओर से हटकर केवल गुरु के साथ – लग जाता है , तो हम दुनिया के सब बंधनों और मलिनताओं से मुक्त हो जाते हैं और परमात्मा से जुड़ जाते हैं। महाराज सावन सिंह अमीर खुसरो , निज़ामुद्दीन औलिया का शागिर्द और काबुल के हाकिम का मुलाज़िम था । बड़ा कमाईContinue reading “पीर की जूती का मोल”

पक्षी का प्रभुप्रेम

प्रेम और नम्रता के साथ प्रभु से दिल लगाओ । … प्रभु और केवल प्रभु को पाने की सच्ची तड़प ही काफ़ी है क्लाउड ऑफ़ अननोइंग एक फ़कीर था जो अपने आप को पैगंबर समझता था । एक बार उसके मन में ख़याल आया कि मैं पैगंबर हूँ , ख़ुदा मुझसे खुश है ; मुझसेContinue reading “पक्षी का प्रभुप्रेम”

एक घड़ी की संगति

गोबिंद जीउ सतसंगत मेल हर धिआईऐ । गुरु रामदास एक साहूकार का नियम था कि वह अपने असामियों से सूद – दर – सूद लिया करता था । एक दिन वह एक गाँव में किसी ग़रीब किसान के घर अपने पैसों की वसूली करने गया । ब्याज कम करने के लिए किसान ने बहुत ज़ोरContinue reading “एक घड़ी की संगति”

गुरु रामदास और मिट्टी के चबूतरे

एक व्यक्ति हज़ार बार युद्ध में हज़ार लोगों को जीत लेता है , जब कि दूसरा व्यक्ति केवल अपने आप पर विजय प्राप्त करता है । वास्तव में दूसरा व्यक्ति ही सबसे बड़ा विजेता है । महात्मा बुद्ध जब तीसरे गुरु , गुरु अमरदास जी ने अपना उत्तराधिकारी चुनने का मन बनाया तो उनके शिष्योंContinue reading “गुरु रामदास और मिट्टी के चबूतरे”

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