मौत की खुशी किसे होती है?

अगर कोई आदमी इस दुनिया में खुशी-खुशी मरता है तो केवल शब्द का अभ्यासी ही बाकी कुल दुनिया बादशाह से लेकर गरीब तक रोते हुए ही जाते हैं। ढिलवाँ गाँव का जिक्र है। एक स्त्री शरीर छोड़ने लगी तो अपने घर वालों को बुलाकर कहा, ‘सतगुरु आ गए हैं, अब मेरी तैयारी है। उम्मीद हैContinue reading “मौत की खुशी किसे होती है?”

जीते जी मरना…

कबीर साहिब इस बारे में फरमाते है:(आदि ग्रंथ पृष्ठ स 1365) कबीर जिस मरने ते जग डरे मेरे मन आनंद।। गुरु नानक देव जी(आदि ग्रंथ पृष्ठ स 730) फरमाते है: नानक जीवतिया मर रहीए ऐसा जोग कमाइए।। बाइबल में सेंट पाल (बाइबल 15:31) भी कहते है “मै प्रतिदिन मरता हूं।“ अहले इस्लाम की हदीस (अहिदिसेContinue reading “जीते जी मरना…”

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