क्या जीवन इन हड्डियों और मांस के शरीर से अधिक मूल्यवान नहीं ? और क्या शरीर पोशाक से अधिक आदर योग्य वस्तु नहीं ? सेंट मैथ्यू कबीर साहिब ने मगहर से काशी में रिहाइश कर ली थी और वहीं सत्संग करना शुरू कर दिया था । उनका उपदेश था कि मनुष्य को अपने अंदर हीContinue reading “जो कछु किया साहिब किया”
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भेड़ों में शेर का बच्चा
रूहानी विज्ञान का उद्देश्य यही है कि मनुष्य माया के परदों से मुक्त होकर स्वयं को पहचान ले कि वह आत्मा है जो स्वयं चेतन है और महाचेतन के समुद्र का अंश है , ताकि वह उस महाचेतन सागर में मिल जाये …। महाराज सावन सिंह एक बार एक शेरनी बच्चे को जन्म देकर शिकारContinue reading “भेड़ों में शेर का बच्चा”
फ़क़ीर और चींटियाँ
जिस दिल में सब जीवों के लिए प्रेम और दया होती है , उसमें विषय – विकारों के लिए कोई स्थान नहीं होता । ऐ दोस्त ! कभी किसी दिल को ठेस न पहुँचाना । किसी का दिल दुखाना प्रभु को भूल जाना है ।अन्सारी ऑफ़ हैरात ‘ तज़करात – उल – औलिया ‘ मुसलमानोंContinue reading “फ़क़ीर और चींटियाँ”
स्वयंवर और नारद मुनि
जिउ जननी सुत जण पालती राखै नदर मझार ॥ अंतर बाहर मुख दे गिरास खिन खिन पोचार ॥ तिउ सतगुर गुरसिख राखता हर प्रीत पिआर ॥ गुरु रामदास भारत में पहले यह रिवाज था कि जब किसी राजकुमारी की उम्र शादी लायक़ होती तो एक स्वयंवर रचा जाता जिसमें राजकुमारी ख़ुद अपने पति को चुनतीContinue reading “स्वयंवर और नारद मुनि”
अंधा और भूलभुलैयाँ
कई जनम भए कीट पतंगा ॥ कई जनम गज मीन कुरंगा ॥ कई जनम पंखी सरप होइओ ॥ कई जनम हैवर ब्रिख जोइओ । मिल जगदीस मिलन की बरीआ ॥ चिरंकाल इह देह संजरीआ।। गुरु अर्जुन देव एक आदमी अंधा भी था और साथ ही गंजा भी था । थोड़ी सी ग़लती के कारण राजाContinue reading “अंधा और भूलभुलैयाँ”
मेंढक और हंस
नानक से अखड़ीआ बिअंन जिनी डिसंदो मा पिरी ॥ गुरु अर्जुन देव एक बार एक हंस एक समुद्र से उड़कर दूसरे समुद्र को जा रहा था । रास्ते में थककर एक कुएँ के किनारे बैठ गया । उस कुएँ में एक मेंढक था । उस मेंढक ने पूछा , ‘ भाई ! तुम कौन होContinue reading “मेंढक और हंस”
शाहजहाँ की नम्रता
जब ख़ुदी मिट जायेगी तो तुम्हारा अपने प्रियतम से मिलाप हो जायेगा । इसलिए ऐ अक्लमंद इंसान ! ख़ुदी को मिटाने की कोशिश कर और आजिज़ बन ।मौलाना रूम दोपहर का वक़्त था । बादशाह शाहजहाँ को प्यास लगी । इधर – उधर देखा , कोई नौकर पास नहीं था । आम तौर पर पानीContinue reading “शाहजहाँ की नम्रता”
खजूरों की चाह
स्वयं को मालिक को सौंप दो और शैतान का सामना करो , तो वह तुम्हारे पास भाग निकलेगा । परमेश्वर के निकट आओ तो वह भी तुम्हारे निकट आयेगा । सेंट जेम्स एक महात्मा बाज़ार में से गुज़र रहा था । रास्ते में एक कुँजड़े ने खजूरें बेचने के लिए रखी हुई थीं । मनContinue reading “खजूरों की चाह”
हज़रत जुनैद और घायल कुत्ता
मेरे संपूर्ण पवित्र पर्वत पर न वे किसी को चोट पहुँचायेंगे नष्ट करेंगे , क्योंकि धरती यहोवा ( प्रभु ) के ज्ञान से भरपूर रहेगी जैसे समुद्र पानी से भरा रहता है ।इसायाह जब हज़रत जुनैद बग़दादी क़ाबा को जा रहा था तो उसने रास्ते में एक कुत्ते को देखा , जो ज़ख़्मी हालत मेंContinue reading “हज़रत जुनैद और घायल कुत्ता”
चेतना का स्तर
ऐ मानव ! तू कब तक घड़े के बाहरी साँचे – ढाँचे और सजावट से मोहित होकर भ्रम में पड़ा रहेगा ? इनसे हटकर , घड़े के अन्दर जो पानी है उसकी ओर दृष्टि डाल । तू कब तक बाहरी सूरतों पर मोहित होता रहेगा ? हक़ीक़त का खोजी बन और हक़ीक़त की तलाश करContinue reading “चेतना का स्तर”