जीवन और आध्यात्म

गुरु नानक साहिब फरमाते है: जैसे जल मह कमल निरालम मुरगाई नै साने।। सुरत सबद भाव सागर तरिए नानक नाम वाखने।। जिस तरह मुरगाबी पानी में रहती है, जब चाहती है, सूखे परो से उड़ जाती है। कमल का फूल पानी से बाहर होता है, जड़े पानी में होती है। इसी तरह हमे भी अपनीContinue reading “जीवन और आध्यात्म”

दो हीरे

एक सौदागर को बाज़ार में घूमते हुए एक उम्दा नस्ल का ऊंट दिखाई पड़ा!.सौदागर और ऊंट बेचने वाले के बीच काफी लंबी सौदेबाजी हुई और आखिर में सौदागर ऊंट खरीद कर घर ले आया!_.घर पहुंचने पर सौदागर ने अपने नौकर को ऊंट का कजावा ( काठी) निकालने के लिए बुलाया..!.कजावे के नीचे नौकर को एकContinue reading “दो हीरे”

मैं ही कृष्ण मैं ही कंस हुँ।

मैं ही कृष्ण मैं ही कंस हुँ।(दिल को छूने वाली कहानी) एक चित्रकार था, जो अद्धभुत चित्र बनाता था।लोग उसकी चित्रकारी की तारीफ़ करते थे। एक दिन कृष्ण मंदिर के भक्तों ने उनसे कृष्ण और कंस का एक चित्र बनाने की इच्छा प्रगट की। चित्रकार तैयार हो गया आखिर भगवान् का काम था, पर उसनेContinue reading “मैं ही कृष्ण मैं ही कंस हुँ।”

हमारे लिए चेतावनी

कबीर साहिब चेतावनी देते है: कबीर सोता क्या करें, उठ के जपो दयार। एक दिना है सोवना,लंबे पाव पसार।। (कबीर साखी संग्रह पृष्ठ स 62) संतो महात्माओं ने मनुष्य को गाफिल, अचेत, मूर्ख, अज्ञानी, बावरा आदि कई नामों से पुकारते हुए उसको अनेक प्रकार की चेतावनी दी है। सबसे पहली बात महात्मा हमे यह समझातेContinue reading “हमारे लिए चेतावनी”

Quote of the Day 24.07.20

Quote of the Day“Love is the master key which opens the gates of happiness.”— Oliver Wendell Holmes — हर ख़ुशी की चाभी प्यार है। प्यार में ऐसी जादूगरी है कि उससे हर खुशी मिल सकती है पर शर्त है बिना स्वार्थ का प्यार हो। जिसमे सिर्फ देने की 100% कोशिश हो ,पर पाने की तम्मना ना हो।

नाम या शब्द भाग 3 (divine power)

नाम या शब्द भाग 3 (divine power) धुनात्मक नाम  अंतर में ध्वनि के रूप में आंतरिक कानों द्वारा सुने जाने वाले को धुनात्मक नाम कहते है। इसके अंदर एक और विशेषता होती है कि यह प्रकाश के रूप में अंतर की आंखो द्वारा दिखाई भी देता है। जिसे सुरत और नीरत का खुलना भी कहतेContinue reading “नाम या शब्द भाग 3 (divine power)”

नाम या शब्द भाग-2 (Divine power)

नाम का अभ्यास बड़ा उत्तम कर्म है, मनुष्य का उद्धार ही इसकी कमाई करने से होता है। पर आम संसारी अपनी समझ में आकर प्रभु का कोई भी एक नाम चुन लेते है और उसकी आराधना शुरू कर देते है।से सोचते है कि सब नाम उसी के है और यह ठीक भी है; लेकिन नामContinue reading “नाम या शब्द भाग-2 (Divine power)”

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