चोरियों की सूची

हे परमेश्वर , मुझ पर अनुग्रह कर , मुझ पर अनुग्रह कर , क्योंकि मैं तेरा शरणागत हूँ ; और जब तक ये आपत्तियाँ निकल न जायें , तब तक मैं तेरे पंखों के तले शरण लिए रहूँगा । एक बार गुरु गोबिन्द सिंह जी चोरों के एक गाँव में गये और वहाँ के लोगोंContinue reading “चोरियों की सूची”

अटल क़ानून

जेहा बीजै सो लुणै करमा संदड़ा खेत ॥गुरु अर्जुन देव रामायण में आता है कि बाली ने तपस्या करके वर लिया था कि जो भी लड़ने के लिए उसके सामने आये , उसका आधा बल बाली में आ जाये । इसी कारण जब भी सुग्रीव उससे लड़ाई करने जाता , पराजित होकर लौटता । इसContinue reading “अटल क़ानून”

सच्चा परोपकारी

गुलाम सदा घर में नहीं रहता ; परंतु पुत्र सदा रहता है । यदि ‘ पुत्र ‘ तुम्हें स्वतंत्र करेगा तो सचमुच तुम स्वतंत्र हो जाओगे । सेंट जॉन जेलखाने में कैदियों की बुरी हालत देखकर एक परोपकारी आता है और यह सोचकर कि इनको ठंडा पानी नहीं मिलता , दस – बीस बोरियाँ चीनीContinue reading “सच्चा परोपकारी”

संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?

सतगुरु की क्या महिमा करें , वह नीच से नीच और पापी से पापी जीवों को भी गले से लगा लेते हैं ।। महाराज सावन सिंह एक बार बारिश के मौसम में कुछ साधु – महात्मा अचानक कबीर साहिब के घर आ गये । बारिश के कारण कबीर साहिब बाज़ार में कपड़ा नहीं बेच सकेContinue reading “संत कैसे जिंदगी बदल देते हैं ?”

मेंढक और हंस

नानक से अखड़ीआ बिअंन जिनी डिसंदो मा पिरी ॥ गुरु अर्जुन देव एक बार एक हंस एक समुद्र से उड़कर दूसरे समुद्र को जा रहा था । रास्ते में थककर एक कुएँ के किनारे बैठ गया । उस कुएँ में एक मेंढक था । उस मेंढक ने पूछा , ‘ भाई ! तुम कौन होContinue reading “मेंढक और हंस”

हज़रत जुनैद और घायल कुत्ता

मेरे संपूर्ण पवित्र पर्वत पर न वे किसी को चोट पहुँचायेंगे नष्ट करेंगे , क्योंकि धरती यहोवा ( प्रभु ) के ज्ञान से भरपूर रहेगी जैसे समुद्र पानी से भरा रहता है ।इसायाह जब हज़रत जुनैद बग़दादी क़ाबा को जा रहा था तो उसने रास्ते में एक कुत्ते को देखा , जो ज़ख़्मी हालत मेंContinue reading “हज़रत जुनैद और घायल कुत्ता”

चेतना का स्तर

ऐ मानव ! तू कब तक घड़े के बाहरी साँचे – ढाँचे और सजावट से मोहित होकर भ्रम में पड़ा रहेगा ? इनसे हटकर , घड़े के अन्दर जो पानी है उसकी ओर दृष्टि डाल । तू कब तक बाहरी सूरतों पर मोहित होता रहेगा ? हक़ीक़त का खोजी बन और हक़ीक़त की तलाश करContinue reading “चेतना का स्तर”

अमृत वेला- Time of Nectar

ग्रंथो शास्त्रों में सुबह सवेरे यानी रात के पिछले पहर को अमृत वेला, ब्रह्म मुहूर्त, ब्रह्म घड़ी आदि कहा गया है। परमेश्वर के भक्तों ने अमृत वेला को भक्ति के लिए खास तौर से लाभदायक माना है। सुबह का वातावरण भक्ति के लिए बहुत उत्तम होता है। सबह के समय रात भर सोने के बादContinue reading “अमृत वेला- Time of Nectar”

अमृत कैसे प्राप्त होगा

अमृत का नाम सुनकर ऐसा लगता है कि जिसके सेवन से हम अमर हो जाय । सूफी फकीरो ने इसे ‘ आबे हयात’ यानी अमर जीवन प्रदान करने वाला जल कहा है। यह संसार, इसके सब पदार्थ और रिश्ते- नाते नाशवान है यानी एक दिन सबको खत्म हो जाना है। सारी त्रिलोकी मृत्यु और विनाशContinue reading “अमृत कैसे प्राप्त होगा”

असल सुख को पाने का तरीका

आज एक सुखद अहसास हुआ जब ये वीडियो देखा। शायद हमारे में ही कमी है जो सिर्फ हम अपना ही सुख देखते है। इसलिए दुखी है। अगर हम दुसरो को सुख बाटेंगे तो ये बात तो पक्की है कि हम कभी दुखी नहीं होंगे। इसीलिए संत महात्मा कहते है कि अपनी कमाई का 10 वाContinue reading “असल सुख को पाने का तरीका”

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