एक आदमी ने एक भूत पकड़ लिया औरउसे बेचने शहर गया।संयोगवश उसकी मुलाकात एक सेठ से हुई।सेठ ने उससे पूछा – भाई ! यह क्या है ?उसने जवाब दिया कि यह एक भूत है।इसमें अपार बल है।कितना भी कठिन कार्य क्यों न हो,यह एक पल में निपटा देता है।यह कई वर्षों का काम मिनटों मेंContinue reading “भूत”
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जीते जी मरना…
कबीर साहिब इस बारे में फरमाते है:(आदि ग्रंथ पृष्ठ स 1365) कबीर जिस मरने ते जग डरे मेरे मन आनंद।। गुरु नानक देव जी(आदि ग्रंथ पृष्ठ स 730) फरमाते है: नानक जीवतिया मर रहीए ऐसा जोग कमाइए।। बाइबल में सेंट पाल (बाइबल 15:31) भी कहते है “मै प्रतिदिन मरता हूं।“ अहले इस्लाम की हदीस (अहिदिसेContinue reading “जीते जी मरना…”
सबसे बड़ा कौन ?
गुरु और मालिक में कोई अंतर नहीं , दोनों वास्तव में एक ही हैं । महाराज सावन सिंह एक पादरी हमेशा बड़े महाराज जी के साथ बहस करता रहता था । एक बार जब आप ब्यास स्टेशन पर उतरे , तो वह बोला कि एक सवाल का जवाब दो । आपने कहा , ‘ बड़ीContinue reading “सबसे बड़ा कौन ?”
बकरा और बंदर
मन लज़्ज़त का आशिक़ है , जब इसे पहले से कोई अच्छी चीज़ मिल जाये तो यह पहली को छोड़ देगा , दूसरी के पीछे दौड़ेगा । इसे दुनिया की करोड़ों लज़्ज़तें दें , मन वश में नहीं आता । महाराज सावन सिंह एक बार सत्संग के दौरान एक आदमी ने खड़े होकर बड़े महाराजContinue reading “बकरा और बंदर”
रूस का बादशाह पीटर
गुरु स्थूल शरीर में ही सीमित नहीं होता । लोगों की रहनुमाई करने , उन्हें समझाने , उनसे हमदर्दी दिखाने , उनसे प्रेम करने , उनमें विश्वास और भरोसा पैदा करने , उनमें अपने अंदर शांति और आनंद की तलाश का शौक़ पैदा करने , उन्हें रास्ता दिखाने , उन्हें एक मिसाल बनकर समझाने ,Continue reading “रूस का बादशाह पीटर”
हमारे प्यार का खोखलापन
परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है ; मैं किससे डरूँ ? परमेश्वर मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ है , मैं किसका भय खाऊँ ? साम्ज़ एक बुढ़िया थी । उसकी एक जवान लड़की थी । इत्तफ़ाक़ से वह लड़की सख़्त बीमार हो गयी । बहुत इलाज करवाया लेकिन फ़ायदा न हुआ । बुढ़िया कहनेContinue reading “हमारे प्यार का खोखलापन”
व्यर्थ गयी कमाई
जनम जनम की इस मन कउ मल लागी काला होआ सिआह ॥ खंनली धोती उजली न होवई जे सउ धोवण पाह ॥ गुरु अमरदास पराशर जी सारी उम्र योगाभ्यास में रहे । पूर्ण योगी होकर घर को वापस आ रहे थे । रास्ते में एक नदी पड़ती थी । जब वहाँ आये तो मल्लाह सेContinue reading “व्यर्थ गयी कमाई”
कबीर साहिब और रानी इन्दुमती
संत जब तक शरीर में रहते हैं , यह नहीं कहते कि हम गुरु हैं । वे दीनता और नम्रता रखते हैं । महाराज सावन सिंह रानी इन्दुमती , संत कबीर जो काशी में कपड़ा बुनकर अपनी जीविका कमाते थे , की अनन्य भक्त थी । जब कबीर साहिब रानी इन्दुमती को सचखंड ले गयेContinue reading “कबीर साहिब और रानी इन्दुमती”
Spiritual link (Nov Dec 2020) by RSSB
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