इस संसार में हमें परमात्मा से मांगने के लायक कुछ भी नहीं अगर कुछ मांगना ही है तो केवल एक चीज कि मालिक अंतर में अपने दर्शनों की दात बख्श । यदि संसार के लोग हमारे साथ कुछ ग़लत करते हैं तो गलत बो नहीं करते बल्कि हम उस समय अपने पुराने कर्मों का भुगतानContinue reading “परमात्मा से क्या मांगे”
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भगवान का जन्मदिन
एक छोटी-सी कहानी : अत्यंत काल्पनिक कहानी है लेकिन विचार करने जैसी है। शायद उपयोग की हो।मैंने सुना है, एक मुसलमान सूफी फकीर ने एक रात्रि स्वप्न देखा कि वह स्वर्ग में पहुंच गया है और उसने वहां यह भी देखा कि स्वर्ग में बहुत बड़ा समारोह मनाया जा रहा है। सारे रास्ते सजे हैं।Continue reading “भगवान का जन्मदिन”
सत्य या परमात्मा को जानने के लिए
तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया । उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानं ज्ञानिनस्तत्त्वदर्शिनः ॥ किसी आध्यात्मिक गुरु के पास जाकर , सत्य को जानने का प्रयत्न करो । पूरी विनम्रता के साथ उनसे शंका – समाधान करो , उनकी सेवा करो । केवल आत्मज्ञानी ही तुम्हें ज्ञान दे सकते हैं , क्योंकि वे स्वयं सत्य का अनुभव कर चुकेContinue reading “सत्य या परमात्मा को जानने के लिए”
परमात्मा जब किसी से नाराज़ होता है
परमात्मा जब किसी से नाराज़ होता है तो वह उसका रिज्क (खाना पीना )नहीं बन्द करता और न ही जीव को कोई दुख देता है और न ही सूर्य को आज्ञा देता है कि इसके आंगन को रोशनी नहीं देना । बल्कि परमात्मा जब किसी से नाराज़ होता है तो वह उसका वो वक्त छिनContinue reading “परमात्मा जब किसी से नाराज़ होता है”
तू सच में बहुत दयालु हैं!
एक संत हुआ करते थे । उनकी इबादत या भक्ति इस कदर थीं कि वो अपनी धुन में इतने मस्त हो जाते थे की उनको कुछ होश नहीं रहता था । उनकी अदा और चाल इतनी मस्तानी हो जाती थीं । वो जहाँ जाते , देखने वालों की भीड़ लग जाती थी। और उनके दर्शनContinue reading “तू सच में बहुत दयालु हैं!”
राम कहा हैं?
चौथी पातशाही श्री गुरु रामदास जी कहते हैं : कासट मह जिउ है बैसंतर मथ संजम काट कढीजै । राम नाम है जोत सबाई तत गुरमत काढ लईजै ॥ जिस तरह लकड़ी के अंदर अग्नि होती है , न अग्नि नज़र आती है , ही उस अग्नि से हम फ़ायदा उठा सकते हैं । जिसContinue reading “राम कहा हैं?”
परमात्मा खुद लेने आता है!
एक बादशाह ने वज़ीर से पूछा- परमात्मा के साथ मिलाप कैसे हो सकता है? वजीर बोला, परमात्मा स्वयं कामिल मुर्शिद का रूप धारण करके जीव को अपने साथ मिलाने के लिए इस संसार में आता है। बादशाह बोला, परमात्मा के पास तो फरिश्तों की फौज है, फिर उसे स्वयं इंसान के रूप में यहां आनेContinue reading “परमात्मा खुद लेने आता है!”
परमात्मा के नजदीक कोन?
कष्ट , पीड़ा , दुःख और रोग हमारी खूब सफ़ाई करते हैं । वे हमें बेहतर इनसान बनाते हैं और परमात्मा के नज़दीक ले आते हैं । भगवान कृष्ण ( भागवत में ) उद्धव से कहते हैं , ‘ मैं अपने सबसे प्यारे भक्तों को तीन दुर्लभ उपहार या सौगातें देता हूँ । वे हैंContinue reading “परमात्मा के नजदीक कोन?”
परमात्मा बुद्धि की शक्ति से नहीं पाया जा सकता
परमात्मा बुद्धि की शक्ति से नहीं पाया जा सकता और न ही तर्क यानी दलील के द्वारा उसके होने का सबूत दिया जा सकता है । वह कैसा है , कहाँ है आदि के बारे में सब सोच – विचार व्यर्थ है । कबीर साहिब कहते हैं : बासुरि गमि न रैणि गमि , नाँContinue reading “परमात्मा बुद्धि की शक्ति से नहीं पाया जा सकता”
ईश्वर के दर्शन क्यो नहीं होते ?
एक महात्मा के पास दूर-दूर से लोग अपनी समस्याओं का समाधान पाने के लिए आते थे। एक बार एक व्यक्ति उनके पास आया और बोला,’महाराज, मैं लंबे समय से ईश्वर की भक्ति कर रहा हूं, फिर भी मुझे ईश्वर के दर्शन नहीं होते। कृपया मुझे उनके दर्शन कराइए।’महात्मा बोले,–‘तुम्हें इस संसार में कौन सी चीजेंContinue reading “ईश्वर के दर्शन क्यो नहीं होते ?”