अधिकतर घरों में बच्चे यह दो प्रश्न अवश्य पूछते हैं

अधिकतर घरों में बच्चे यह दो प्रश्न अवश्य पूछते हैं जब दीपावली भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है तो दीपावली पर लक्ष्मी पूजन क्यों होता है? राम और सीता की पूजा क्यों नही?दूसरा यह कि दीपावली पर लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजाContinue reading “अधिकतर घरों में बच्चे यह दो प्रश्न अवश्य पूछते हैं”

नाम की महिमा

आप तरै जन पितरा तारेसंगत मुकत सो पार उतारे। आप देखो, गुरु साहिब “नाम” की कितनी महिमा करते हैं। कहते हैं कि जो “नाम” की कमाई करते हैं, वे आप भी तर जाते हैं और उनके ‘पित्तरों’ को भी उनके अभ्यास से लाभ पहुँचता है। उच्च श्रेणी के भक्त के अभ्यास और भक्ति से उसकेContinue reading “नाम की महिमा”

भरोसा

एक व्यक्ति की नई नई शादी हुई और वो अपनी पत्नी के साथ घूम कर वापिस अपने घर आ रहे थे। रास्ते में जब दोनों को एक नदी को नाव से पार कर रहे थे, तभी अचानक एक भयंकर तूफ़ान आ गया। वो आदमी वीर था लेकिन औरत बहुत डरी हुई थी क्योंकि हालात बहुतContinue reading “भरोसा”

सच्चा नाम क्या है ?

नाम नाम सब कहत है नाम न पाया कोय ||1|| परमात्मा का नाम तो सब जपते है पर किसी को भी नाम (परमात्नमा) हीं मिला है ?   अब हमें यह इस बात पर विचार करना है कि कोनसा नाम हम जपते है ? और उसको जपने से हमें कोनसा नाम नही मिला ?  हम सबContinue reading “सच्चा नाम क्या है ?”

सेवा से फायदा ही फायदा है।

मुलतान का एक मशहूर और भक्त कारीगर निज़ामुद्दीन ब्यास सतसंग घर को बहुत ही लगन प्यार से बनाने में लगा रहा। हज़ूर जब भी उसे अपनी मजदूरी लेने को कहते तो कहता कि काम खत्म होने पर इकट्ठी ले लूंगा। जब काफी महीने बीत गये तो हजूर जी ने फिर मजदूरी लेने को कहा। निज़ामुद्दीनContinue reading “सेवा से फायदा ही फायदा है।”

मन की उत्पत्ति और स्वभाव।

हंसा मन की वृति कछु लखि न परै , कहि न जात कछु हरे हरे ॥ टेक ॥ 1 ॥ पांच तत्व मन मनहि तीन गुण , मन के रूप तेहुं लोक खरे ॥ 2 ॥ मन मसजिद अरु मनहि देवहरा , मनहिं देव मन सेव करै ॥ 3 ॥ पाप पुन्य मन आवागवन मनContinue reading “मन की उत्पत्ति और स्वभाव।”

मंजिल, मुसाफिर और सफ़र

🌻मंजिल, मुसाफिर और सफ़र एक अनपढ़ गवांर आदमी जिसने कभी रेल्वे स्टेशन नही देखा हो और ना ही कभी ट्रेन का सफ़र तय किया हो ।और अगर उसे दिल्ली जाना हो तो वो पहले रेलवे स्टेशन आता है , अब बेचारा कभी ट्रेन में सफ़र तो किया नही , और स्टेशन पर इतनी सारी ट्रेनोंContinue reading “मंजिल, मुसाफिर और सफ़र”

भगवान का जन्मदिन

एक छोटी-सी कहानी : अत्यंत काल्पनिक कहानी है लेकिन विचार करने जैसी है। शायद उपयोग की हो।मैंने सुना है, एक मुसलमान सूफी फकीर ने एक रात्रि स्वप्न देखा कि वह स्वर्ग में पहुंच गया है और उसने वहां यह भी देखा कि स्वर्ग में बहुत बड़ा समारोह मनाया जा रहा है। सारे रास्ते सजे हैं।Continue reading “भगवान का जन्मदिन”

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