परमात्मा से क्या मांगे

इस संसार में हमें परमात्मा से मांगने के लायक कुछ भी नहीं अगर कुछ मांगना ही है तो केवल एक चीज कि मालिक अंतर में अपने दर्शनों की दात बख्श । यदि संसार के लोग हमारे साथ कुछ ग़लत करते हैं तो गलत बो नहीं करते बल्कि हम उस समय अपने पुराने कर्मों का भुगतानContinue reading “परमात्मा से क्या मांगे”

सच्चा नाम क्या है ?

नाम नाम सब कहत है नाम न पाया कोय ||1|| परमात्मा का नाम तो सब जपते है पर किसी को भी नाम (परमात्नमा) हीं मिला है ?   अब हमें यह इस बात पर विचार करना है कि कोनसा नाम हम जपते है ? और उसको जपने से हमें कोनसा नाम नही मिला ?  हम सबContinue reading “सच्चा नाम क्या है ?”

सेवा से फायदा ही फायदा है।

मुलतान का एक मशहूर और भक्त कारीगर निज़ामुद्दीन ब्यास सतसंग घर को बहुत ही लगन प्यार से बनाने में लगा रहा। हज़ूर जब भी उसे अपनी मजदूरी लेने को कहते तो कहता कि काम खत्म होने पर इकट्ठी ले लूंगा। जब काफी महीने बीत गये तो हजूर जी ने फिर मजदूरी लेने को कहा। निज़ामुद्दीनContinue reading “सेवा से फायदा ही फायदा है।”

भगवान का जन्मदिन

एक छोटी-सी कहानी : अत्यंत काल्पनिक कहानी है लेकिन विचार करने जैसी है। शायद उपयोग की हो।मैंने सुना है, एक मुसलमान सूफी फकीर ने एक रात्रि स्वप्न देखा कि वह स्वर्ग में पहुंच गया है और उसने वहां यह भी देखा कि स्वर्ग में बहुत बड़ा समारोह मनाया जा रहा है। सारे रास्ते सजे हैं।Continue reading “भगवान का जन्मदिन”

सत्य या परमात्मा को जानने के लिए

तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया । उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानं ज्ञानिनस्तत्त्वदर्शिनः ॥ किसी आध्यात्मिक गुरु के पास जाकर , सत्य को जानने का प्रयत्न करो । पूरी विनम्रता के साथ उनसे शंका – समाधान करो , उनकी सेवा करो । केवल आत्मज्ञानी ही तुम्हें ज्ञान दे सकते हैं , क्योंकि वे स्वयं सत्य का अनुभव कर चुकेContinue reading “सत्य या परमात्मा को जानने के लिए”

परमात्मा जब किसी से नाराज़ होता है

परमात्मा जब किसी से नाराज़ होता है तो वह उसका रिज्क (खाना पीना )नहीं बन्द करता और न ही जीव को कोई दुख देता है और न ही सूर्य को आज्ञा देता है कि इसके आंगन को रोशनी नहीं देना । बल्कि परमात्मा जब किसी से नाराज़ होता है तो वह उसका वो वक्त छिनContinue reading “परमात्मा जब किसी से नाराज़ होता है”

तू सच में बहुत दयालु हैं!

एक संत हुआ करते थे । उनकी इबादत या भक्ति इस कदर थीं कि वो अपनी धुन में इतने मस्त हो जाते थे की उनको कुछ होश नहीं रहता था । उनकी अदा और चाल इतनी मस्तानी हो जाती थीं । वो जहाँ जाते , देखने वालों की भीड़ लग जाती थी। और उनके दर्शनContinue reading “तू सच में बहुत दयालु हैं!”

राम कहा हैं?

चौथी पातशाही श्री गुरु रामदास जी कहते हैं : कासट मह जिउ है बैसंतर मथ संजम काट कढीजै । राम नाम है जोत सबाई तत गुरमत काढ लईजै ॥ जिस तरह लकड़ी के अंदर अग्नि होती है , न अग्नि नज़र आती है , ही उस अग्नि से हम फ़ायदा उठा सकते हैं । जिसContinue reading “राम कहा हैं?”

🧘🏽‍♂️बाहर नहीं अंदर खोजें🧘🏽‍♂️

संतों महात्माओं के उपदेश का आदर करो और खुद को पहचानों आप क्या हो और क्या कर रहे हो ?एक भिखारी था । उसने सम्राट होने के लिए कमर कसी और चौराहे पर अपनी फटी-पुरानी चादर बिछा दी, अपनी हाँडी रख दी और सुबह-दोपहर-शाम भीख माँगना शुरू कर दिया क्योंकि उसे सम्राट होना था। लेकिनContinue reading “🧘🏽‍♂️बाहर नहीं अंदर खोजें🧘🏽‍♂️”

परमात्मा खुद लेने आता है!

एक बादशाह ने वज़ीर से पूछा- परमात्मा के साथ मिलाप कैसे हो सकता है? वजीर बोला, परमात्मा स्वयं कामिल मुर्शिद का रूप धारण करके जीव को अपने साथ मिलाने के लिए इस संसार में आता है। बादशाह बोला, परमात्मा के पास तो फरिश्तों की फौज है, फिर उसे स्वयं इंसान के रूप में यहां आनेContinue reading “परमात्मा खुद लेने आता है!”

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