सेवा से फायदा ही फायदा है।

मुलतान का एक मशहूर और भक्त कारीगर निज़ामुद्दीन ब्यास सतसंग घर को बहुत ही लगन प्यार से बनाने में लगा रहा। हज़ूर जब भी उसे अपनी मजदूरी लेने को कहते तो कहता कि काम खत्म होने पर इकट्ठी ले लूंगा। जब काफी महीने बीत गये तो हजूर जी ने फिर मजदूरी लेने को कहा। निज़ामुद्दीनContinue reading “सेवा से फायदा ही फायदा है।”

सत्य या परमात्मा को जानने के लिए

तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया । उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानं ज्ञानिनस्तत्त्वदर्शिनः ॥ किसी आध्यात्मिक गुरु के पास जाकर , सत्य को जानने का प्रयत्न करो । पूरी विनम्रता के साथ उनसे शंका – समाधान करो , उनकी सेवा करो । केवल आत्मज्ञानी ही तुम्हें ज्ञान दे सकते हैं , क्योंकि वे स्वयं सत्य का अनुभव कर चुकेContinue reading “सत्य या परमात्मा को जानने के लिए”

तू सच में बहुत दयालु हैं!

एक संत हुआ करते थे । उनकी इबादत या भक्ति इस कदर थीं कि वो अपनी धुन में इतने मस्त हो जाते थे की उनको कुछ होश नहीं रहता था । उनकी अदा और चाल इतनी मस्तानी हो जाती थीं । वो जहाँ जाते , देखने वालों की भीड़ लग जाती थी। और उनके दर्शनContinue reading “तू सच में बहुत दयालु हैं!”

परमात्मा से प्रार्थना

” मेरे मालिक, मै बिलकुल नादान हूं, मै नहीं जानता तुझसे क्या मांगू? जो तू मेरे लिए उचित समझे वहीं दे दे और मुझे वो शक्ति और बुद्धि बक्ष कि जो कुछ तू दे या जहां और जैसे तू रखे उसी में मै सदा खुश रहूं । मुझमें कोई गुण नहीं, कोई भक्ति नहीं। मेरेContinue reading “परमात्मा से प्रार्थना”

आग का मोल

अखी काढ धरी चरणा तल सभ धरती फिर मत पाई ॥ गुरु रामदास कहा जाता है कि शेख़ फ़रीद का एक शिष्य बहुत नेक – पाक था । जब वह बाज़ार जाता तो एक वेश्या उसका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए उससे मज़ाक किया करती । वह बेचारा दूसरी ओर ध्यान कर लेता ।Continue reading “आग का मोल”

हमारे प्यार का खोखलापन

परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है ; मैं किससे डरूँ ? परमेश्वर मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ है , मैं किसका भय खाऊँ ? साम्ज़ एक बुढ़िया थी । उसकी एक जवान लड़की थी । इत्तफ़ाक़ से वह लड़की सख़्त बीमार हो गयी । बहुत इलाज करवाया लेकिन फ़ायदा न हुआ । बुढ़िया कहनेContinue reading “हमारे प्यार का खोखलापन”

Spiritual link (Nov Dec 2020) by RSSB

https://rssb.org/spirituallink.html#archives If you have really thirst about spirituality please go above love link to read this book.

मूर्ख को समझाना बेकार

उन जैसा बहरा और कौन हो सकता है जो सुनेंगे नहीं ।। कहावत एक बार किसी मूर्ख व्यापारी ने एक घोड़े पर एक तरफ़ दो मन गेहूँ लाद दिया तथा दूसरी ओर दो मन रेत डाल ली ताकि बोझ बराबर हो जाये और घोड़े को तकलीफ़ न हो । एक ग़रीब आदमी ने , जोContinue reading “मूर्ख को समझाना बेकार”

विरह – वेदना

प्रभात – वेला की इबादत और रात भर मालिक के वियोग में विलाप मालिक की प्राप्ति के ख़ज़ाने की कुंजी हैं । ख्वाजा हाफ़िज़ शेख शिबली एक दिन अपने शिष्यों के साथ बैठे थे । सर्दी का मौसम था , आग जल रही थी । अचानक उनका ध्यान चूल्हे में जलती हुई लकड़ी के एकContinue reading “विरह – वेदना”

अमृत वेला- Time of Nectar

ग्रंथो शास्त्रों में सुबह सवेरे यानी रात के पिछले पहर को अमृत वेला, ब्रह्म मुहूर्त, ब्रह्म घड़ी आदि कहा गया है। परमेश्वर के भक्तों ने अमृत वेला को भक्ति के लिए खास तौर से लाभदायक माना है। सुबह का वातावरण भक्ति के लिए बहुत उत्तम होता है। सबह के समय रात भर सोने के बादContinue reading “अमृत वेला- Time of Nectar”

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